निकाय चुनाव टला तो जनवरी से मार्च तक भाजपा की प्रदेश से लेकर जिलों तक नई टीमों का गठन कर दिया जाएगा। वहीं पार्टी निकाय चुनाव को लेकर तैयार रणनीति के अनुसार संगठनात्मक कार्यक्रम भी जारी रखेगी। मुख्यमंत्री आवास पर बुधवार शाम आयोजित पार्टी की कोर कमेटी की बैठक में निकाय चुनाव, विधान परिषद की शिक्षक स्नातक क्षेत्र चुनाव सहित अन्य मुद्दों पर मंथन किया गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक, प्रदेश प्रभारी राधामोहन सिंह और प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल की मौजूदगी में हुई बैठक में निकाय चुनाव को लेकर उच्च न्यायालय के संभावित निर्णयों पर मंथन किया गया। सूत्रों के मुताबिक उच्च न्यायालय का निर्णय याचिकाकर्ताओं के पक्ष में आया तो सरकार ओबीसी आरक्षण के लिए आयोग का गठन कर ट्रिपल टेस्ट के जरिये आरक्षण निर्धारण का रास्ता अपनाएगी।
इस कार्रवाई में लगभग तीन महीने का समय लगेगा। ऐसे में पार्टी प्रदेश से लेकर क्षेत्रीय और जिलों की नई टीम गठित करेगी। पार्टी के सात अग्रिम मोर्चों, प्रकोष्ठों और विभागों की भी नई टीम का गठन कर दिया जाएगा। जनवरी में पहले प्रदेश टीम का गठन किया जाएगा उसके बाद क्षेत्रीय और जिलों की टीम बनेगी।
इसी के समानांतर निकाय चुनाव की तैयारी के लिए पेज प्रमुख की नियुक्ति एवं प्रशिक्षण, विभिन्न जातियों के सम्मेलन, लाभार्थी सम्मेलन और अग्रिम मोर्चे के सम्मेलनों का आयोजन किया जाएगा। वहीं यदि निर्णय सरकार के पक्ष में आया तो जनवरी के अंतिम सप्ताह तक चुनाव संपन्न करा दिया जाएगा।