भाजपा की चुनावी यात्रा में आधी आबादी का भी पूरा साथ मिला। प्रदेश सरकार और संगठन ने करीब दो वर्ष पहले से ही महिला वोट बैंक को साधने की रणनीति तैयार की थी। महिलाओं को सुरक्षा के लिए एंटी रोमियो स्क्वायड के गठन के साथ महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान, रोजगार और स्वरोजगार भी फोकस किया। सौभाग्य योजना, उज्जवला योजना, पीएम आवास योजना, सीएम आवास योजना की महिला लाभार्थियों को साधा। पीएम और सीएम आवास से महिलाओं को मिली छत और शौचालय से महिलाओं को मिला सम्मान के जरिये भी महिलाओं को साधा। वहीं महिलाओं को पुलिस भर्ती में 20 प्रतिशत आरक्षण, राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत करीब एक करोड़ महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ा।
राशन वितरण की योजना ने भी महिलाओं के मन में भाजपा के लिए जगह बनाई। इतना ही नहीं सपा पर महिला विरोधी होने के आरोप को साबित करने के लिए भाजपा ने चुनाव से पहले सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा यादव को पार्टी में शामिल कराया। वहीं कांग्रेस की पोस्टर गर्ल प्रियंका मौर्य, कांग्रेस विधायक अदिति सिंह को भी भाजपा में शामिल किया। चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा महिलाओं के बीच यह सोच स्थापित करने में सफल रही कि उन्हें सुरक्षा और सम्मान केवल योगी सरकार में ही मिल सकता है। वहीं मुस्लिम महिलाओं के वोट बैंक में सेंध लगाने के लिए उन्हें तीन तलाक से मिली आजादी के मुद्दे को भी हवा दी। चुनाव के नतीजे बताते हैं कि सपा के तमाम जातीय गठबंधन के बाद भी आधी आबादी ने भाजपा को बढ़त दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई।
ये योजनाएं भी बनी जीत का आधार
- प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना, मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना, मुख्यमंत्री समग्र ग्राम विकास योजना, पीएम स्वनिधि योजना, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, युवाओं को एक करोड़ टैबलेट और स्मार्ट फोन वितरण।