स्टैंडर्ड ऑफ परफॉर्मेंस रेगुलेशन-2019 के लागू होने पर उपभोक्ताओं को अधिकतम 60 दिन में मुआवजा देना अनिवार्य होगा। उपभोक्ता को एक वित्तीय वर्ष में उसके फिक्स चार्ज/डिमांड चार्ज के 30 प्रतिशत से अधिक का मुआवजा नहीं दिया जाएगा।
मसलन, अगर एक किलोवाट भार क्षमता का कनेक्शन लेने वाला उपभोक्ता अगर महीने में 100 रुपये प्रति किलोवाट फिक्स चार्ज देता है तो उसका पूरे साल का फिक्स चार्ज 1200 रुपये हुआ। ऐसे में उस उपभोक्ता को एक वर्ष में अधिकतम 360 रुपये ही मुआवजा मिल पाएगा।
उपभोक्ता समस्या -- देरी पर मुआवजे की दर (प्रतिदिन)
अंडरग्राउंड केबल ब्रेकडाउन -- 100 रुपये
सब स्टेशन का निर्माण बाधित होने की स्थिति में वोल्टेज विचलन -- 250 रुपये
नया कनेक्शन वितरण मेंस उपलब्धता पर -- 50 रुपये
मीटर रीडिंग के मामले -- 200 रुपये
डिफेक्टिव मीटर व सामान्य फ्यूज ऑफ -- 50 रुपये
बिलिंग शिकायत और भार में कमी व आधिक्य -- 50 रुपये
उपभोक्ता समस्या -- देरी पर मुआवजे की दर (प्रतिदिन)
श्रेणी परिवर्तन -- 50 रुपये
ट्रांसफार्मर फेल (ग्रामीण) -- 150 रुपये
अस्थायी कनेक्शन का निर्गमन -- 100 रुपये
बिजली आपूर्ति बढ़ाने के लिए सबस्टेशन की स्थापना -- 500 रुपये
कॉल सेंटर से रिस्पांस न दिया जाना -- 50 रुपये
फर्जी अवशेषों को आगे ले जाना -- 100 रुपये प्रति चक्र
नया कनेक्शन व नेटवर्क विस्तार पर अतिरिक्त भार -- 250 रुपये
ओवरहेड लाइन व केबल ब्रेकडाउन -- 100 रुपये