सड़क पर तैयार की जा रही अस्थायी मंडी।
मलिहाबाद। मलिहाबाद नवीन उपमंडी से दूर आढ़त लगाने वाले आढ़तियों पर मंडी समिति कार्रवाई करने की तैयारी में है। मामला कमीशन का बताया जा रहा है, जिस पर मंडी समिति ने सख्ती दिखाई है।
मंडी सचिव सुभाष सिंह ने बताया कि पिछले चार महीनों से सभी आढ़तियों से वार्ता कर दुकानें लगाए जाने की अपील की जा रही है। कमीशन के चक्कर में फिर से एक बार दूरी बनाते हुए सड़क के किनारे दुकान सजा रहे हैं। लाइसेंस नियमों के उल्लंघन के साथ लाखों रुपये के मंडी शुल्क का नुकसान भी हो सकता है। मंडी के आलावा आढ़ती बाहर बोर्ड लगाकर कारोबार करेंगे तो कार्रवाई के साथ फर्मों के लाइसेंस भी निरस्त किए जा सकते हैं। किसानों से अपील की कि वह मंडी में आकर बिना किसी बिचौलिये के बिक्री करें। बीते दिनों मंडी समिति ने मलिहाबाद से लाइसेंस लेकर दुबग्गा मंडी से कारोबार करने वाली 25 फर्मों के लाइसेंस निलंबित किए थे।
मंडी सचिव ने बताया कि 85.50 करोड़ की लागत से वातानुकूलित मंडी बनी है। इसमें आम को रखने के लिए 2500 टन कोल्ड स्टोर बनाया गया है। मंडी में आने से तय रेट पर ही बिक्री होती है जबकि मंडी से बाहर माल पर 12 प्रतिशत लिया जाता है।