यूपी सरकार ने 102 व 108 एंबुलेंस सेवा के बिलों में गड़बड़ी को देखते हुए निगरानी की नई व्यवस्था शुरू की है। एंबुलेंस सेवा का इस्तेमाल करने वाले मरीजों को अपना या फिर परिवारीजन का पहचान पत्र देना होगा।
रिकॉर्ड में पहचान पत्र संख्या का उल्लेख भी होगा। अस्पतालों के रजिस्टर में एक अतिरिक्त कॉलम जोड़ा जाएगा। इसमें मरीजों की केस आईडी दर्ज होगी।
कुछ समय पहले नेशल हेल्थ मिशन के निदेशक ने 102 एंबुलेंस सेवा की बिलिंग रिकॉर्ड में कई तरह की अनियमितता पाई थी। कई जिलों में एक समय पर दो रोगियों को अलग अस्पतालों में एंबुलेंस से पहुंचना दिखाया गया था। इन्हीं गड़बड़ियों को देखते हुए अब सरकार ने मरीजों के रिकॉर्ड रखने की नई व्यवस्था शुरू कर दी है।
प्रमुख सचिव स्वास्थ्य प्रशांत त्रिवेदी ने जारी आदेश में कहा कि सेवा प्रदाता कंपनी सभी लाभार्थियों को एक यूनिक केस आईडी आवंटित करे। इसे मरीजों के रिकॉर्ड में दर्ज करना चाहिए।