राज्य सरकार इंटर पास छात्राओं को कन्या विद्याधन देने का दायरा बढ़ाने जा रही है। यूपी बोर्ड के साथ ही अब आईसीएसई और सीबीएसई की छात्राओं को भी कन्या विद्याधन देने की तैयारी है।
माध्यमिक शिक्षा विभाग ने इसके लिए संशोधित प्रस्ताव तैयार कर लिया है और जल्द ही कैबिनेट से मंजूरी लेने की तैयारी है। अखिलेश सरकार ने सत्ता में आने के बाद इंटर पास छात्राओं को आगे की पढ़ाई के लिए 30,000 रुपये कन्या विद्याधन देने की योजना शुरू की थी।
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बजट के अभाव में बाद में यह राशि घटाकर 20,000 रुपये कर दी गई। अखिलेश सरकार ने इस योजना को वर्ष 2014-15 में बंद कर दिया। इसके बाद सरकार की किरकिरी होने के बाद वर्ष 2015-16 में इस योजना को फिर से शुरू करने का निर्णय किया गया और राशि फिर 30,000 रुपये कर दी गई।
सीबीएसई और आईसीएससी छात्राओं को भी मिलेगा विद्याधन
राज्य सरकार ने एक लाख मेधावी छात्राओं को कन्या विद्या धन देने के लिए इस वित्तीय वर्ष में 300 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। प्रस्ताव के मुताबिक संशोधित कन्या विद्या धन योजना की कुल राशि का 75 फीसदी यूपी बोर्ड तथा शेष बीच 25 फीसदी राशि में 75 फीसदी सीबीएसई व 25 फीसदी आईसीएसई बोर्ड की इंटर पास मेधावी छात्राओं में बांटी जाएगी।
यह पैसा बोर्ड परीक्षा 2015 पास करने वाली मेधावी छात्राओं में बांटी जाएगी। यूपी बोर्ड की 75,000, आईसीएससी की 6,250 व सीबीएसई की 18,750 छात्राएं इससे लाभांवित होंगी।
कन्या विद्याधन बांटने में आरक्षण की व्यवस्था भी लागू होगी। इसमें पात्र कुल छात्राओं में 20 प्रतिशत अल्पसंख्यक व 21 प्रतिशत अनुसूचित जाति, जनजाति की होंगी।