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एमबीए के बाद ऐसे कमा सकते हैं सरकारी अफसर से ज्यादा

Thu, 01 Sep 2016 01:29 PM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
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उद्घाटन करते मंत्री ‌श‌िवपाल यादव - फोटो : amar ujala
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‘एमबीए के बाद बहुत से छात्र आईएएस व पीसीएस की तैयारी करते हैं, लेकिन मुझे लगता है कि एमबीए कोर्स चुनने के बाद आपका क्षेत्र सरकारी से अलग हो गया है। आपको आईएएस या आईपीएस में जाने की जरूरत नहीं। 
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आप आधुनिक क्षेत्र में काम करने के साथ सरकारी सेवक से अधिक कमाएंगे।’ यह बातें प्रदेश के कृषि उत्पादन आयुक्त व इंस्टीट्यूट ऑफ को-ऑपरेटिव एंड कॉर्पोरेट मैनेजमेंट रिसर्च एंड ट्रेनिंग (आईसीसीएमआरटी) के अध्यक्ष प्रदीप भटनागर ने संस्थान के 16वें एमबीए बैच के उद्घाटन व प्रादेशिक कोऑपरेटिव फेडरेशन में नवनियुक्त कर्मियों के आधारभूत प्रबंधन एवं कंप्यूटर प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन समारोह में कहीं।

उन्होंने कहा कि एमबीए के बाद खुद की इंडस्ट्री या एंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ावा देकर छात्र खुद के साथ देश का विकास कर सकते हैं। उन्हें बस एक अवसर की जरूरत होगी।
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उद्यमिता का उदाहरण देकर उन्होंने कहा कि मथुरा के व्यक्ति ने भूसे से ऊर्जा बनाकर प्रदेश सरकार को बेची और उसे जलाकर निकलने वाले सिलिकॉन की राख एक नामी टायर कंपनी को बेचता है। 

समारोह की शुरुआत गरिमा व अन्य छात्राओं ने स्वागत गीत से की। इसके बाद एमबीए प्रथम वर्ष के छात्र ऋषभ मोहन मिश्रा ने गुत्थी का किरदार निभाते हुए सभी को ठहाके लगाने पर मजबूर किया।

विशाल और संकल्प ने कुंभ मेले पर तैयार स्क्रिप्ट से सभी को हंसाया। एमबीए की छात्राओं ने कई गीतों पर समूह नृत्य की प्रस्तुति से समां बांधा। 
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चुनौतियों से घबराएं नहीं बल्कि सामना करें

मंत्री ‌श‌िवपाल यादव - फोटो : amar ujala
इस मौके पर मुख्य अतिथि सहकारिता एवं लोक निर्माण मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि वह चाहे नौकरी में जाएं या व्यवसाय में, सभी जगह चुनौतियां मिलेंगी, इनसे घबराएं नहीं बल्कि सामना करें। 

शिवपाल ने कहा कि 1977 में जब जनता पार्टी की सरकार बनी उस समय उनकी नौकरी सहकारिता विभाग में लगी थी, लेकिन उन्होंने उसे जॉइन नहीं किया। इसके बाद उनकी नियुक्ति एक इंटर कॉलेज में हुई जिसे छोड़ दिया। 

शिवपाल ने कहा कि यह उनका सौभाग्य है, क्योंकि यदि वह नौकरी करते तो आज मंत्री न बन पाते। संस्थान के निदेशक राम जतन यादव ने बताया कि हाल ही में बनी संस्थान की दीवार के निर्माण के लिए प्रादेशिक कोऑपरेटिव फेडरेशन के अध्यक्ष आदित्य यादव ने 27 लाख रुपये दिए हैं। इस अवसर पर प्रमुख सचिव सहकारिता किशन सिंह अटोरिया ने भी छात्रों को संबोधित किया।

संस्थान के अध्यक्ष प्रदीप भटनागर ने कहा कि वह पहली बार संस्थान में आए हैं। अन्य सरकारी संस्थानों की तुलना में यह अच्छा है लेकिन कुछ चीजों की जरूरत है। 

उन्होंने संस्थान के अध्यक्ष के तौर पर कहा कि संस्थान की लाइब्रेरी को एयरकंडीशन कराया जाएगा। यहां बहुत से कंप्यूटर्स में पुराने सॉफ्टवेयर हैं, जबकि तकनीक काफी आगे है। 

इसीलिए सभी कंप्यूटर्स को अपडेट किया जाएगा। इसके लिए वह प्राचार्य और निदेशक से बात करेंगे। वहीं, संस्थान के प्राचार्य डॉ. अजय प्रकाश ने बताया कि उनका प्रयास संस्थान को वाई-फाई से सुविधायुक्त करने का भी है।
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