उसे बचाने में उनकी एसयूवी दूसरे लेन पर आ गई, जहां सामने से आ रही तेज रफ्तार आईबी अफसर की गाड़ी से टकरा गई। हादसा इतना भयानक था कि दोनों वाहनों के परखच्चे उड़ गए और दोनों वाहनों में सवार लोग उसमें फंस गए। मौके पर पहुंची पुलिस व स्थानीय लोगों ने दोनों वाहनों के शीशे व गेट तोड़कर उसमें फंसे लोगों को बाहर निकाला और भिटरिया स्थित एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया। यहां इलाज के दौरान राकेश कुमार (50) व उनके बेटे श्रेयांश (10) की मौत हो गई।
एसयूवी में उनके साथ सवार उनकी पत्नी बीके विमल (40), साली नीलमा कुमारी (35), उनका बेटा शिवांश रंजन (14), सुधांशु रंजन (18), सेवका (8) व चालक विधान (30) घायल हो गए। इन सभी को लखनऊ के प्राइवेट अस्पताल भेजवाया गया है। वहीं, दूसरी एसयूवी में सवार आईपीएस अधिकारी सभाराज यादव (35), उनका गनर रामजी यादव व चालक रामप्रकाश गंभीर रूप से घायल हो गए।
उनका इलाज भिटरिया के नर्सिंग होम में चल रहा है। जहां उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। घटना की सूचना पर थाना पटरंगा, मवई व बाराबंकी जनपद के रामसनेहीघाट की पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हाईवे से हटवाकर आवागमन सुचारु कराया। सीओ रुदौली धर्मेंद्र यादव ने बताया कि मृत अधिकारी व उनके बेटे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
गोद में बच्चे को लेकर बैठे थे आईबी अधिकारी
गांव खसजंचिहा, थाना मसरंगा, जिला पुरनिया, बिहार के निवासी राकेश कुमार दिल्ली आईबी में मिनीस्ट्रियल स्टाफ में अधिकारी थे। वो अपनी पत्नी तीन बेटे, एक अन्य बालक, साली व ड्राइवर समेत 8 लोग कार से दिल्ली जा रहे थे। हादसे के समय राकेश आगे बैठे हुए थे तथा उनका 10 वर्षीय बेटा उनकी गोद में बैठा था। जिस तरफ राकेश बैठे थे, वहीं हिस्सा सामने से आ रहे आईपीएस अधिकारी के वाहन से टकराया। हादसे के बाद पिता-पुत्र मरणासन्न हो गए थे और अस्पताल पहुंचने पर कुछ ही देर में उनकी मौत हो गई।