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प्रियंका ने आशा कर्मियों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर योगी को घेरा तो जवाब मिला- नींद खुल गई?

Sun, 24 Mar 2019 08:43 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व प्रियंका गांधी वाड्रा। - फोटो : amar ujala
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गन्ना किसानों के बकाया भुगतान को लेकर केंद्र की मोदी व उत्तर प्रदेश की योगी सरकार को घेरने वाली कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने अब यूपी की आशा कर्मियों व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को लेकर योगी सरकार पर निशाना साधा है। जिस पर मुख्यमंत्री योगी ने जवाब दिया।

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उन्होंने आशा कर्मियों के साथ एक तस्वीर ट्वीट करते हुए लिखा कि उत्तर प्रदेश की आशाकर्मी नौ महीनों के लिए एक गर्भवती महिला के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी उठाती हैं। जिसके लिए उन्हें सिर्फ 600 रुपये मिलते हैं। भाजपा सरकार ने कभी उनका मानदेय बढ़ाने की सुध नहीं ली। आशा कर्मियों को जुमले नहीं जवाब चाहिए।
 


एक अन्य ट्वीट में प्रियंका ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं के मुद्दे पर योगी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने ट्वीट किया कि यूपी की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं प्रदेश सरकार से राज्य कर्मचारी का दर्जा मांग रही हैं लेकिन भाजपा सरकार ने उनकी पीड़ा सुनने के बजाय उन पर लाठियां चलवाईं। उन्होंने आगे लिखा कि मेरी बहनों का संघर्ष, मेरा संघर्ष है।
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जिस पर योगी ने ट्वीट कर जवाब दिया कि







आपको बता दें कि इसके पहले प्रियंका ने गन्ना किसानों के मुद्दे पर योगी सरकार को घेरा जिस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्विटर पर उन्हें करारा जवाब दिया। प्रियंका ने ट्वीट किया था कि गन्ना किसानों के परिवार दिन रात मेहनत करते हैं। मगर उत्तर प्रदेश सरकार उनके भुगतान का भी जिम्मा नहीं लेती। किसानों का 10000 करोड़ रुपया बकाया है। मतलब उनके बच्चों की शिक्षा, भोजन, स्वास्थ्य और अगली फसल सब कुछ ठप्प हो गया है। यह चौकीदार सिर्फ अमीरों की ड्यूटी करते हैं। गरीबों की इन्हें परवाह नहीं।
 


 

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ये दिया जवाब

जिसका जवाब देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट किया कि हमारी सरकार जब से सत्ता में आई है। हमने लंबित 57,800 करोड़ रुपये का गन्ना बकाया भुगतान किया है। ये रकम कई राज्यों के बजट से भी ज्यादा है। पिछली सपा-बसपा सरकारों ने गन्ना किसानों के लिए कुछ नहीं किया जिससे किसान भुखमरी का शिकार हो रहा था।

योगी ने एक अन्य ट्वीट में कहा कि किसानों के ये 'तथाकथित' हितैषी तब कहाँ थे जब 2012 से 2017 तक किसान भुखमरी की कगार पर था। इनकी नींद अब क्यों खुली है? प्रदेश का गन्ना क्षेत्रफल अब 22 प्रतिशत बढ़कर 28 लाख हेक्टेयर हुआ है और बंद पड़ी कई चीनी मिलों को भी प्रदेश में दोबारा शुरू किया गया है। किसान अब खुशहाल हैं।
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