आईएएस वीक के दूसरे दिन शुक्रवार को दिनभर कानून-व्यवस्था से लेकर विकास योजनाओं पर माथापच्ची के बाद देर शाम एमबी क्लब में अधिकारियों का जमावड़ा हुआ। मौका था सर्विस डिनर का। इस दौरान हल्के-फुल्के माहौल के बीचआईएएस अफसरों को दिलचस्प टाइटिल से नवाजा गया तो खूब तालियां बजीं।
कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. प्रभात कुमार को टाइटिल मिला- ‘बचना ऐ...लो मैं आ गया, अपनी अदा है औरों से जुदा’ जबकि कल्पना अवस्थी व धीरज साहू को संयुक्त रूप से ‘हमें पीने का शौक नहीं, पिलाते हैं...’ टाइटिल से नवाजा गया। मुख्य सचिव डॉ. अनूप चंद्र पांडेय को टाइटिल दिया गया- ‘चांद तारे तोड़ लाऊं, सारी दुनिया पर मैं छाऊं, बस इतना सा ख्वाब है।’
राजस्व परिषद के अध्यक्ष प्रवीर कुमार को ‘भली-भली सी सूरत, भला-भला सा एक नाम’ टाइटिल दिया गया। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर तैनात संजय अग्रवाल को टाइटिल मिला, ‘मैं सेहरा बांध के आऊंगा, मेरा वादा है।’ आरके तिवारी व दीपक त्रिवेदी को संयुक्त रूप से ‘किसका है ये तुमको इंतजार मैं हूं ना, देख लो इधर तो इस बार मैं हूं ना’ टाइटिल दिया गया।
बीएन सिंह को टाइटिल मिला, ‘ये खबर छपवा दो अखबार में, पोस्टर लगवा दो बाजार में।’ नितिन रमेश गोकर्ण व अजय चौहान को संयुक्त रूप से ‘दो दीवाने शहर में, रात में दोपहर में, आशियाना ढूंढते हैं’ टाइटिल दिया गया। अमित गुप्ता व विजयेंद्र पांडियन को संयुक्त रूप से ‘दिल बहलता है मेरा आपके आ जाने से’ टाइटिल दिया गया।
अपर मुख्य सचिव वित्त संजीव मित्तल को ‘काहे पैसे पर इतना गुरूर करे है’ टाइटिल दिया गया तो पावर कॉर्पोरेशन की एमडी अपर्णा यू. को ‘बिजली गिराने मैं हूं आई’ टाइटिल मिला। अपर मुख्य सचिव सूचना अवनीश अवस्थी को ‘जहां मैं जाता हूं वहीं चले आते हो’ तो संजय भूसरेड्डी को ‘ये बेचारा काम के बोझ का मारा’ टाइटिल से नवाजा गया। राजशेखर को ‘होके मजबूर चला’, हरीओम को ‘गा रहा हूं हर महफिल में आपकी इनायत है’ टाइटिल दिया गया।
‘ढल गया दिन हो गई रात जाने दो जाना है’
आशीष गोयल, दीपक अग्रवाल, सुरेंद्र सिंह, सुहास एलवाई व विजय किरन आनंद को संयुक्त रूप से ‘सीधी कर दूं सबकी चाल, मैं छोरा गंगा किनारे वाला’ टाइटिल मिला। मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव एसपी गोयल को ‘बदले-बदले से मेरे सरकार नजर आते हैं’ टाइटिल से नवाजा गया। अमित मोहन प्रसाद को ‘जय जवान जय किसान’ टाइटिल दिया गया।
मिनिस्ती एस. को ‘कुछ ना कहो, कुछ भी ना कहो’ तो भुवनेश कुमार को ‘ए फिंगर इन एवरी पाई’ टाइटिल दिया गया। मुकेश मेश्राम व अनीता मेश्राम को संयुक्त रूप से ‘क्या करते हो साजना तुम हमसे दूर रहके’ टाइटिल मिला जबकि मृत्युंजय कुमार नारायण, मनीष चौहान, आदर्श सिंह, नितीश कुमार को संयुक्त रूप से ‘ढल गया दिन हो गई रात जाने दो जाना है’ टाइटिल से नवाजा गया। 2012 बैच के आईएएस अफसरों को संयुक्त रूप से ‘इंतहा हो गई इंतजार की, आई ना कोई खबर डीएम बनने की’ टाइटिल दिया गया।