चुनाव आयोग की ओर से मतदाता पुनरीक्षण अभियान एक अक्टूबर से शुरू करने से ठीक पहले प्रदेश सरकार ने प्रशासन को चुनावी लिहाज से तैयार करने की कार्यवाही शुरू कर दी है।
शुक्रवार को 25 आईएएस और 96 पीसीएस अधिकारियों के एकमुश्त तबादले कर दिए गए।
इनमें आठ जिलों अंबेडकरनगर, लखीमपुर खीरी, एटा, मिर्जापुर, फतेहपुर, पीलीभीत, बांदा व कन्नौज में नए कलेक्टर को तैनाती दी गई है।
हाल में बहाल की गईं दुर्गाशक्ति नागपाल को कानपुर देहात में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के पद पर उनके पति के नजदीक तैनाती दी गई है।
फतेहपुर की डीएम कंचन वर्मा को वेटिंग में डाल दिया गया है। अभी और तबादलों से शासन स्तर पर इनकार नहीं किया जा रहा है।
चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव की तैयारियों के मद्देनजर प्रदेश में लोकसभा चुनाव के पहले अंतिम मतदाता पुनरीक्षण अभियान एक अक्टूबर से छह जनवरी 2014 तक चलाने का कार्यक्रम घोषित किया है।
आयोग की ओर स्पष्ट किया गया है कि इस दौरान मतदाता पुनरीक्षण अभियान से जुड़े अधिकारियों को आयोग की अनुमति के बिना तबादला नहीं किया जा सकेगा।
आयोग के इस निर्देश के दायरे में फील्ड में तैनात कर्मचारी से लेकर जिले व मंडलों में तैनात कलेक्टर व कमिश्नर तक आ गए हैं।
आयोग के कार्यक्रमों के मद्देनजर प्रशासनिक हलकों में यह आशंका भी जताई जा रही है कि मतदाता पुनरीक्षण अभियान संपन्न होने केबाद लोकसभा चुनाव के कार्यक्रम भी घोषित किए जा सकते हैं।
ऐसे में एक अक्टूबर के पहले एक बार पूरी प्रशासनिक मशीनरी की ओवरहालिंग तय मानी जा रही थी। शुक्रवार से इसकी शुरुआत हो गई। पहले एकमुश्त 96 पीसीएस अफसरों के ट्रांसफर किए गए। बाद में 25 आईएएस अफसरों को फेंट दिया गया।
सरकार ने चुनाव पूर्व फेरबदल उम्मीद के अनुरूप हर स्तर पर किया है। जिलाधिकारी से लेकर मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी, मुख्य राजस्व अधिकारी, नगर मजिस्ट्रेट, नगर आयुक्त व अपर आयुक्त जैसे पदों पर बदलाव किए गए हैं।
नियुक्ति विभाग के आला अफसरों ने संकेत दिया है कि तबादले अभी और होंगे। अभी एक भी मंडलायुक्त नहीं बदला गया है, जबकि कई के बदले जाने के संकेत हैं।