इन दिनों उत्तर प्रदेश सरकार के एक प्रमुख सचिव ऐसा बुरा फंसे हैं कि उनसे सफाई देते भी नहीं बन रहा है।
दरअसल, मामला है एक बड़े घोटाले का। इस महा घोटाले में निलंबित चल रहे एक अफसर के अचानक बहाल हो जाने से निगाहें प्रमुख सचिव साहब पर टिक गई हैं।
जैसे ही खबर आई कि अफसर की बहाली शासन स्तर से हुई, उसने जवाब तलब किए जाने लगे। अब उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि ये हुआ कैसे।
उनका कहना है कि उन्हें इस मामले की कोई जानकारी नहीं है। इसके लिए वह लखनऊ से नोएडा भी तशरीफ ले गए हैं और वहां भी अधिकारियों से पूछ रहे हैं कि निलंबित अफसर को बहाल कैसे कर दिया गया।
साथ ही जहां-तहां उनसे टकरा रहे पत्रकार भी उनसे जैसे ही सवाल कर रहे हैं, वह सबको सफाई देने में जुट जा रहे हैं कि इस बहाली में उनका कोई हाथ नहीं है।
अंदर खाते से पता चला है कि यह काम उनसे जलन करने वाले कुछ अफसरों का है। साहब इतने परेशान हैं कि अब वो लिखापढ़ी में बताने की कोशिश कर रहे हैं कि इस राहत से उनका कोई वास्ता नहीं है।