राजभर ने कहा, पिछड़ों के आरक्षण का विभाजन करने की मांग काफी पुरानी है। शराबबंदी को लेकर वे अब तक विधानसभा में 16 बार आवाज उठा चुके हैं, लेकिन सरकार ने नहीं सुनी। इसलिए लड़ाई अब सीधे मुख्यमंत्री से हो गई है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को राजनीति समेत सभी क्षेत्रों में 50 प्रतिशत आरक्षण देने व 27 फीसदी ओबीसी आरक्षण का तीन श्रेणी में विभाजन के मुद्दे को वह लोकसभा चुनाव में ब्रह्मास्त्र के रूप में इस्तेमाल करेंगे। उन्होंने मांग की कि पिछड़ों के 27 प्रतिशत आरक्षण में से पिछड़ा, अति पिछड़ा एवं सर्वाधिक पिछड़े के रूप में वर्गीकृत कर लाभ दिया जाए।