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बोल पड़े मुलायम, टीपू के लैपटॉप ने हराया चुनाव!

Tue, 18 Nov 2014 04:46 PM IST
अजित बिसारिया/अमर उजाला, लखनऊ
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सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने कहा कि लैपटॉप बांटने के कारण ही पार्टी लोकसभा चुनाव हारी। इन लैपटॉप के माध्यम से नरेंद्र मोदी ने बड़ी ही चालाकी से अपने झूठे वादे घर-घर पहुंचा दिए। उन्होंने कहा कि वे शुरू से ही लैपटॉप बांटे जाने के खिलाफ थे। मुलायम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर तीर चलाए। उनकी व्यक्तिगत जिंदगी को भी निशाना बनाया।
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मुलायम सोमवार को राजधानी में पार्टी मुख्यालय पर समाजवादी महिला सभा के राष्ट्रीय सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। उन्होंने विद्यार्थियों को लैपटॉप दिए जाने को बड़ी गलती माना। कहा, लोकसभा चुनाव में यही लैपटॉप हमारी हार की वजह बने। नरेंद्र मोदी ने बड़ी ही चालाकी से हर लैपटॉप में अपनी बात और अपना भाषण पहुंचा दिया।

मुलायम यहीं नहीं रुके। मोदी का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि सर्वोच्च पद पर बैठे लोग झूठ बोलते हैं। चुनाव से पहले बेरोजगार नौजवानों को रोजगार देने का वादा किया था। क्या रोजगार मिल पाया? महिलाओं को सम्मान देने का वादा किया था, क्या हुआ? चालाकी और चतुराई से चुनाव जीते जा सकते हैं, लेकिन देश नहीं बन सकता।
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उन्होंने सवाल दागा कि महंगाई कम हुई क्या? भीड़ की तरफ से ‘न’ जवाब मिलने पर उन्होंने कहा कि डीजल के दाम भी केंद्र सरकार की वजह से कम नहीं हुए। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम गिरने से कीमत कम हुई है। बनारस के लिए सिर्फ 200 करोड़ रुपये केंद्र सरकार ने दिए हैं। इससे बनारस का क्या विकास होगा?

महिलाओं से कहा, विधानसभा चुनाव जितवाओ

मुलायम ने कहा कि झाड़ू लगाने से सफाई नहीं होगी। इसके लिए गरीबी को मिटाना होगा। उन्होंने कहा कि 1990 में उन्होंने घर-घर में शौचालय बनवाए थे। उन्होंने कहा, अगर वे लोकसभा चुनाव जीत जाते तो इतने समय साथ बैठने का मौका नहीं मिलता।

साथ ही महिला कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि अब पहले 2017 का विधानसभा चुनाव और फिर लोकसभा चुनाव जिताओ। उन्होंने कहा कि महिलाओं के साथ अब भी भेदभाव हो रहा है, लेकिन समाजवादी चिंतक राममनोहर लोहिया ने हमेशा महिलाओं को बराबरी पर लाने के लिए काम किया।

पर्दा कुप्रथा है, इससे दूर रहें महिलाएं
मुलायम ने महिलाओं के लिए पर्दा करने की व्यवस्था बनाए जाने पर भी जमकर चोट की। कहा, प्राचीन काल में हमारे यहां पर्दा प्रथा नहीं थी। सीता, सावित्री और द्रोपदी ने कभी पर्दा नहीं किया। भारतीय संस्कृति इसकी अनुमति नहीं देती। बीच में एक ऐसा राज आया, जिसमें यह कुरीति पैदा हुई। तुर्कों ने जो कुछ किया, उस इतिहास को अब भूलना पडे़गा।

उन्होंने कहा कि हरदोई में एक कार्यक्रम के बाद उन्होंने खाना खाने से इन्कार कर दिया था, क्योंकि घर की सभी महिलाएं पर्दा किए हुए थीं। जब महिलाओं ने पर्दा हटाया, तभी उन्होंने खाना खाया। समाजवादियों ने पर्दे के खिलाफ लड़ाई लड़ी है, जो आगे भी जारी रहेगी।
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महामोर्चा पर बोले मुलायम

मुलायम ने कहा कि सपा का न नाम बदलेगा और न ही चुनाव चिह्न। पार्टी संविधान में ऐसी ही व्यवस्था की गई है। पहले की सोशलिस्ट पार्टियों के नाम हर एक-दो साल में बदल जाते थे। उन्होंने कहा कि पीडब्ल्यूडी मंत्री शिवपाल सिंह यादव के प्रयासों से दिल्ली में अलग-अलग राज्यों के प्रमुख नेता जुटे थे।

मुलायम के अनुसार, हम चाहते हैं कि सभी एकजुट हों। देखते हैं कि इसका नतीजा क्या निकलता है। जब-जब समाजवादी विचारधारा वाले नेता एकजुट हुए हैं, तब-तब उन्होंने दिल्ली की सत्ता हासिल की है। उन्होंने कहा कि पार्टी पांच सांसदों के बलबूते ही दिल्ली में अपना संघर्ष जारी रखेगी।

घर-घर तक पहुंचाएं सपा सरकार के काम   
मुलायम ने पार्टी की मौजूदा कार्यप्रणाली पर भी निशाना साधा। कहा, अब लोग पद के पीछे भागते हैं। मंच पर आने की होड़ मची रहती है, लेकिन शुरुआती दौर में नेता इससे बचते थे। उन्होंने समाजवादी सरकार के कामों को घर-घर पहुंचाने की अपील भी की। कहा, संगठन में किसी भी पद पर व्यक्ति को शिकायत के आधार पर नहीं हटाऊंगा। उसे कमियां सुधारने को जरूर कहा जाएगा।

अरुणा कोरी के जाने पर जताई नाराजगी
भाषण देने के दौरान ही मुलायम सिंह यादव ने राज्यमंत्री अरुणा कोरी के बारे में पूछा। उन्हें बताया गया कि जरूरी काम था, इसलिए वह चली गईं। इस पर मुलायम ने नाराज होते हुए कहा, क्या मुझे काम नहीं है। मेरे घर पर तो देहरादून से बहुत ही खास लोग आए हुए हैं।
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