लखनऊ। अभिनय के अलहदा अंदाज के लिए मशहूर अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने बीते दिनों एक फिल्म की शूटिंग लखनऊ में पूरी की। नेशनल पीजी कॉलेज में बुधवार को एक कार्यक्रम में शामिल होने आए नवाजुद्दीन ने अमर उजाला से खास बातचीत में कहा कि उन्हें शुरू से ओशो ने बहुत प्रभावित किया है। उनकी इच्छा है कि ओशो के किरदार को वे पर्दे पर निभाएं।
नवाजुद्दीन ने कहा कि यूं तो फिल्म के निर्देशक के हिसाब से ही वे खुद को किरदार के लिए तैयार करते हैं, लेकिन ओशो पर कोई फिल्म बने और वे उनका किरदार निभाएं तो वर्षों से अधूरी मुराद पूरी हो जाएगी। आगामी फिल्म रात अकेली है: द बंसली मर्डर्स के बारे में उन्होंने बताया कि यह क्राइम थ्रिलर फिल्म है, जिसमें वे इंस्पेक्टर की भूमिका निभा रहे हैं।
लखनऊ से अपने रिश्ते के बारे में कहा कि एक समय था जब मैं यहां राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह में नाटक करने आता था। उस दौरान भारतेंदु नाट्य अकादमी से भी थियेटर की बारीकियां सीखीं। कुल मिलाकर आज मैं जो कुछ भी हूं, उसमें लखनऊ का भी अहम रोल है। उस समय कभी पैदल तो कभी साइकिल से लखनऊ नापा करता था। गोमतीनगर से लेकर हजरतगंज और निशातगंज तक मैंने लखनऊ को कई बार पैदल ही नापा है।
नवाज बोले कि तब के और आज के लखनऊ में बहुत परिवर्तन हो चुका है। इस शहर ने इधर कुछ वर्षों में खूब तरक्की की है। नवाजुद्दीन ने कहा कि यहां का खाना, तहजीब और लोग तो नायाब हैं।
अच्छा एक्टर और स्टेब्लिश होना दोनों अलग बातें
नेशनल पीजी कॉलेज के विद्यार्थियों के साथ नवाजुद्दीन ने एक संवाद में भी हिस्सा लिया और उनके सवालों के जवाब दिए। एक छात्र के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि अच्छा एक्टर बनने के लिए पैशन होना बहुत जरूरी है। अच्छा एक्टर और स्टेब्लिश होना दोनों अलग-अलग बातें हैं। नितिन, सम्राट और यशराज ने नवाजुद्दीन से कॉलेज की कक्षाएं बंक करने को लेकर सवाल किया। इस पर उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि जब किसी व्यक्ति में अपने लक्ष्य के प्रति सच्चा जुनून होता है तो ऐसा करने का विचार आता ही नहीं है। उन्होंने बताया कि बीएनए और फिर राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) में उन्होंने कभी कक्षाएं नहीं छोड़ीं। अनुशासन, निरंतर अभ्यास और सीखने की लगन ही सफलता की असली कुंजी है।