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Lucknow News: चुपके-चुपके रात दिन आंसू बहाना याद है.....

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प्रस्तुति देतीं प्रतिभा ​सिंह बघेल।
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लखनऊ। नाम गुम जाएगा, चेहरा ये बदल जाएगा...., चुपके-चुपके रात दिन आंसू बहाना याद है....। इन गजलों को प्रतिभा सिंह बघेल ने जब अपनी दिलकश आवाज में पेश किया तो हेल्प यू एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट की संगीत संध्या का माहौल रुमानी हो गया। सोमवार को ट्रस्ट ने लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक करने के लिए प्रतिभा सिंह बघेल : लाइव इन कंसर्ट का आयोजन किया था।
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इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के जुपिटर सभागार में सजी गजल और संगीत की महफिल का आगाज गजल गायिका प्रतिभा सिंह बघेल ने मंगल भवन अमंगल हारी भजन से किया। इसके बाद उन्हाेंने जमाई राजा राम मिला..., अगर मुझसे मोहब्बत..., मेरे हमनवाज..., झुकी-झुकी सी नजर... जैसे गीत और गजलों की प्रस्तुति से शाम को सुरमई कर दिया। संगीत यात्रा में बेस गिटार पर राहुल देव, गिटार पर रितेश ओहोल, तबला पर प्रशांत सोंगरा, ऑक्टोपैड पर रोहित गंधर्व, कीबोर्ड पर मोहम्मद फिरोज ने साथ दिया।
संगीत की महफिल से पहले ट्रस्ट के प्रबंध न्यासी डॉ. हर्षवर्धन अग्रवाल, न्यासी डॉ. रूपल अग्रवाल और प्रतिभा सिंह बघेल ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत की। डॉ. हर्ष वर्धन अग्रवाल ने कहा कि आज की संगीतमय संध्या सिर्फ मनोरंजन नहीं है, बल्कि रक्तदान को जनांदोलन बनाने के संकल्प से जुड़ी है। रक्तदान, जीवनदान है। एक यूनिट रक्त किसी की सांसें लौटा सकता है, किसी के सपनों को नया जीवन दे सकता है। उन्होंने साल में कम से कम एक बार रक्तदान करने की अपील की। इस अवसर पर रक्तदान पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फिल्में दिखाई गईं।
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