घर में सो रही पांच साल की बच्ची को लकड़बग्घे ने अपना निवाला बना लिया। बच्ची को खाने के बाद लकड़बग्घा उसे गन्ने के खेत में छोड़ गया।
पैर और शरीर का हिस्सा खा गए दूसरे जानवर
उसका एक पैर व शरीर का अन्य कुछ हिस्सा किसी जानवर ने खा लिया था। घटना की जानकारी होने से गांव में हड़कंप मच गया। तमाम लोग मौके पर जुट गए। घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचे डीएफओ डॉ. टी रंगाराजू ने बताया कि वह जल्द ही लकड़बग्घे को ट्रेसआउट कर लेंगे।
लकड़बग्घे को मारने के आदेश उन्हें पहले ही मिल चुके हैं। इसके लिए एक महीने तक लगातार यहां कांबिंग भी की गई, लेकिन वह हाथ नहीं लगा। कहा कि अगर लकड़बग्घा नहीं पकड़ा जाता है तो उसे शूट कर दिया जाएगा। इसके लिए लकड़बग्घे के फुट प्रिंट लेकर टीमें गठित कर दी गई हैं।
सोमवार की रात कड़ौरा गांव में हुई घटना का एक सच यह भी है कि जिस बच्ची का शिकार लकड़बग्घे ने किया, वह मूकबधिर थी। यानि लकड़बग्घे के दबोचने पर वह चिल्ला भी नहीं सकती थी। इसका फायदा उठाकर लकड़बग्घा उसे घर से उठा ले गया।