एक युवक ने हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं। शराब के नशे में पत्नी के शरीर के अंगों को सिगरेट से जलाया। डंडे से बुरी तरह पीटा। इतने पर भी दिल नहीं भरा तो नदी में फेंककर जान से मारने का प्रयास किया। युवती किसी तरह भागकर अपने मायके पहुंची तो पड़ोसी महिलाओं ने उसे कोतवाली पहुंचाया। हद तो तब हो गई, जब पुलिस ने मामले में कार्रवाई करने के बजाय पीड़िता को सदर कोतवाली भेज दिया।
ऊंचाहार कोतवाली क्षेत्र के किशुनदासपुर गांव निवासी अलगू की पुत्री रीतू की शादी 12 साल पहले सदर कोतवाली क्षेत्र के खिन्नी तल्ला कहारों का अड्डा निवासी एक युवक के साथ हुई थी। उसके तीन बच्चे हैं। युवक अंडे की दुकान लगाता है। बताते हैं कि शादी बाद से ही युवक उसे मारापीटा करता था, लेकिन वह परिवार व सम्मान बचाने के लिए सब कुछ चुपचाप सहती रही। पीड़िता ने बताया कि दो दिन पूर्व शराब के नशे में उसके पति ने जलती हुई सिगरेट से शरीर के अंगों को जलाया। इतने से मन नहीं भरा तो डंडे से उसे तब तक पीटा जब तक वह बेहोश नहीं हुई। होश आने पर वह सई नदी के राजघाट पर ले गया और गला दबाकर मारने का प्रयास किया। किसी तरह जान बचाकर भागी और मायके पहुंची।
घर पर उसके सिर्फ पिता हैं। लेकिन वह न देख व सुन नहीं पाते हैं। रीतू पड़ोस की महिलाओं के साथ ऊंचाहार कोतवाली पहुंची तो कोतवाल विनोद कुमार सिंह ने मामला सदर कोतवाली का होने की बात बताई। कोतवाल ने बताया कि मामला दूसरे कोतवाली का था। इसलिए उसे वहां भेजकर मदद की जा रही है। उधर, सदर कोतवाल अतुल सिंह का कहना है कि मामले की तहरीर मिलेगी तो रिपोर्ट लिखकर प्रकरण में सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यदि किसी महिला ने किसी भी थाने पर तहरीर दी है तो वहां पर एफआईआर दर्ज होनी चाहिए।