घूरेपुरवा गांव निवासी युवक को उसकी पत्नी ने जुआ खेलने के लिए रुपये नहीं दिए तो वह आग बबूला हो उठा। पहले उसे लाठियों से जमकर पीटा फिर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। यही नहीं, कत्ल को आत्महत्या का रूप देने के लिए लाश को कपड़ा फैलाने वाले तार से लटका दिया।
मृतका के पिता की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लिया। पिता की तहरीर पर पति और सास-ससुर के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया है।
सुजौली थाना क्षेत्र अंतर्गत घूरेपुरवा गांव निवासी अवधेश जुआड़ी है। मंगलवार दोपहर वह पड़ोसी गांव भैंसहिया में जुआ खेलने गया था। वहां दांव में रुपये हारने के बाद देर शाम वह नशे की हालत में घर पहुंचा। उसने जुआ खेलने के लिए पत्नी दुर्गावती (32) से 500 रुपये मांगे।
पत्नी ने पैसा देने से इन्कार किया तो अवधेश ने उसकी पिटाई शुरू कर दी। घर में मौजूद सास तारावती और ससुर रामनरेश से भी दुर्गावती ने बचाव की गुहार लगाई लेकिन दोनों ने रोज की किचकिच कहकर किनारा कस लिया।
मदद के लिए दुर्गावती ने पिता को किया था फोन
इस पर दुर्गावती ने मोबाइल से चफरिया गांव में पिता भगवानदीन को फोन किया और पति से बचाने की गुहार लगाने लगी। इतने में अवधेश ने उससे मोबाइल छीनकर फेंक दिया और दुर्गावती का गला दबाकर उसे मार डाला।
इसके बाद हत्या को आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को कपड़ा टांगने वाले तार में फंदा बनाकर लटका दिया और भाग निकला। मामले की बनक सास-ससुर को लगी तो वे भी भाग गए।
देर रात दुर्गावती का पिता भगवानदीन परिवारीजनों के साथ बेटी की ससुराल पहुंचा तो सन्नाटा पसरा था। कमरे में अरगनी से लाश लटक रही थी। पिता की सूचना पर थानाध्यक्ष धनंजय सिंह ने मौके पर पहुंचकर लाश को कब्जे में लेकर पंचनामा के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
थानाध्यक्ष ने बताया कि पिता की तहरीर पर धारा 302 के तहत हत्या का केस दर्ज किया गया है। पति, सास, ससुर तीनों नामजद हैं। तीनों की तलाश में दबिश दी जा रही है।
दहेज उत्पीड़न का भी लगाया आरोप
पिता भगवानदीन ने बताया कि इधर कुछ दिनों से अवधेश बाइक की भी मांग कर रहा था। भगवानदीन ने कहा कि इस मामले में कई बार अवधेश को समझाया गया लेकिन वह माना नहीं। इसके अलावा जुए की लत के चलते वह बेटी को अक्सर पीटता रहता था।
मृतका दुर्गावती के बेटे अभय (4) और बेटी मिन्सी (6) मां का आंचल ढूंढ रहे हैं। वहीं, घटना के बाद से पिता, बाबा, दादी सभी फरार हैं। दोनों मासूमों को देख सबकी आंखें नम हो रही हैं।
घटना की सूचना पाकर गांव पहुंची बुआ दोनों बच्चों को संभाल रही है। नाना भगवानदीन का कहना है कि बेटी का क्रिया कर्म करने के बाद वह दोनों बच्चों को साथ ले जाएंगे।