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फर्जी दस्तावेज से 2.84 करोड़ कर्ज लेकर दंपती लापता, फोन भी बंद, केस दर्ज  

Sat, 05 Dec 2020 01:44 AM IST
लखनऊ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala
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लखनऊ में हजरतगंज कोतवाली में मनीवाइज फाइनेंशियल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के शाखा प्रबंधक दीपक चिलकोटी ने फर्जी दस्तावेज से 2.84 करोड़ रुपये लोन लेकर गायब सूरत के दंपती समेत पांच लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई है। इंस्पेक्टर अंजनी कुमार पांडेय ने बताया कि मामले की जांच उपनिरीक्षक चंद्रभान गिरि को सौंपी गई है।
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इंस्पेक्टर अंजनी कुमार पांडेय ने बताया कि मनीवाइज कंपनी का कार्यालय पार्क रोड पर सिविल अस्पताल के सामने स्थित राधा कृष्ण भवन के द्वितीय तल पर है। गुजरात के सूरत में पारले पाइंट के पास अरिहंत पार्क निवासी हित सौरभ बी. मोतीवाला ने छह मई 2019 को कंपनी में लोन के लिए आवेदन किया था।

कंपनी के शाखा प्रबंधक के मुताबिक, हित सौरभ बी. मोतीवाला को हीरे-मोती की कटान का बड़ा कारोबारी बताया गया था। लोन के गारंटर के तौर उनकी पत्नी रिचा हित सौरभ बी. मोतीवाला के अलावा सूरत के घोडन रोड पर सेंट जेवियर स्कूल के पास रहने वाले राहुल हेमराज ओसवाल, विशाल हेमराज ओसवाल और नेहा विशाल ओसवाल ने अपने दस्तावेज प्रस्तुत किए थे। कंपनी ने उनके कारोबार के कागजातों के आधार पर 2.84 करोड़ रुपये का लोन स्वीकृत कर दिया।
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सिक्योरिटी के तौर पर गिरवी रखे अपने शेयर

हित सौरभ बी. मोतीवाला ने लोन की रकम से कुछ शेयर खरीदे और कुछ रकम अपने सूरत के सलाबातपुरा स्थित भारतीय स्टेट बैंक के खाते में जमा करवाई। गारंटरों ने लोन का समय से भुगतान करने का आश्वासन दिया था। आरोपी ने सिक्योरिटी के तौर पर अपने शेयर गिरवी रखे थे।

उसने कहा था कि शेयर के दाम घटेंगे तो जो मार्जिन मनी होगा वह उसका भुगतान करता रहेगा। हालांकि, उसने लोन की दो-तीन किस्तों के बाद रुपये जमा कराना बंद कर दिया। शेयर का मार्जिन देना भी रोक दिया। कंपनी ने जांच कराई तो पूरा फर्जीवाड़ा सामने आया।

पता चला कि हित सौरभ बी. मोतीवाला और उसकी पत्नी व अन्य गारंटर के नाम-पते फर्जी थे। कंपनी के अधिकारी आरोपियों के गुजरात के सूरत में बताए गए पते पर पहुंचे तो वहां उक्त नाम का कोई भी व्यक्ति नहीं मिला। जिन फोन नंबर से आरोपी बातचीत करते थे, वह भी बंद हो गए तो शाखा प्रबंधक ने गुरुवार को हजरतगंज कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई।
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