जिले में साइबेरियन पक्षियों की तादाद में लगातार कमी आ रही है। ऐसा शिकारियों के नाते हो रहा है। अभी तक साइबेरियन पक्षी नवंबर के प्रथम सप्ताह तक अपनी आमद जिले की झीलों व नदियों में करा देते थे लेकिन इनकी संख्या हर साल घट रही है।
सैकड़ों की संख्या में आने वाले साइबेरियन पक्षियों की संख्या जिले की झीलों, तालाबों व नदियों में गिनती भर की दिख रही है। शिकारियों के चलते अब पक्षी जिले में अपनी आमद काफी कम संख्या में दर्ज करा रहे हैं। वन विभाग भी इनकी सुरक्षा के लिए कोई समुचित बंदोबस्त नहीं कर पा रहा है।
बहराइच झील, तालाबों व नदियों का जिला है। जिले के पश्चिमी हिस्से में कतर्निया घाट संरक्षित वन प्रभाग है। इस वन क्षेत्र होकर बहने वाली नेपाल की गेरुआ, कौड़ियाला नदी के अलावा घाघरा नदी के तट और जंगल के सरोवर साइबेरियन पक्षियों का मुख्य प्रवास केंद्र है।
साइबेरियन पक्षी शहर से सटे अनारकली झील, चित्तौरा झील, बघैल तालाब में प्रवास करते हैं। लेकिन सुरक्षा के सम्यक उपाय न होने के चलते इन साइबेरियन मेहमानों की चहचहाहट धीरे धीरे मंद होती जा रही है।
इन झीलों पर है शिकारियों का साया
इस समय चित्तौरा, अनारकली झील व बघैल तालाब झील के तटों पर हाथों में बंदूक, गुलेल और जाल लिए शिकारी नजर आ रहे हैं। साइबेरियन पक्षियों का शिकार कर शिकारी न सिर्फ उन्हें अपना निवाला बनाते हैं बल्कि कुछ शिकारी मेहमान पक्षियों का शिकार कर उन्हें आसपड़ोस के बाजारों में बेचते भी हैं।
साइबेरियन लालसर, हिमालयी कठफोड़वा, भूरासिर, कौड़ियाला कठफोड़वा, टोपीदार पीलक, छोटा पहाड़ी राजालाल, बड़ा खोटुर और फाख्ता की पन्ना व चितरेखा प्रजातियां शिकारियों की पसंद हैं। इन प्रजातियों का शिकार कर शिकारी इन्हें गोंडा, बाराबंकी, लखनऊ, गोरखपुर, दिल्ली, नेपाल तक भेजते हैं।
साइबेरियन मेहमानों का शिकार कर उनकी बिक्री 250 से 400 रुपए में शिकारी करते हैं। एक फाख्ता 100 से 150 रुपए में बिकती है। जबकि लालसर 300 से 400 रुपए में शिकारी बेचते हैं। टोपीदार पीलक व छोटा पहाड़ी राजालाल भी 200 से 400 के बीच में बिक्री होता है।
कतर्निया घाट संरक्षित वन क्षेत्र के प्रभागीय वन अधिकारी आशीष तिवारी ने कहा कि संरक्षित वन क्षेत्र की नदियों व आसपास की झीलों में साइबेरियन पक्षियों की सुरक्षा के लिए वन कर्मियों की टीम गठित की गई है। शिकारियों पर नजर रखी जा रही है। वन क्षेत्र के अलावा अन्य स्थान पर अगर शिकार हो रहा है तो उन्हें सूचना दें, कार्रवाई की जाएगी।