फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी: शिकारियों ने डॉल्फिन को मारा, 5 पर केस

Tue, 03 Mar 2015 11:07 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बाराबंकी
विज्ञापन
विज्ञापन
देवा के पास शारदा नहर में एक दिन पूर्व दिखी डॉल्फिन को आखिरकार शिकारियों ने मार डाला। डॉल्फिन जहां दिखी थी वहां से लगभग 30 किमी आगे जैदपुर थाना क्षेत्र में अकबरपुर धनेठी के पास नहर में शिकारियों ने सोमवार सुबह उसे पकड़कर मार डाला।
विज्ञापन


शिकारी मछली को गांव उठा ले गए थे। वन विभाग की लापरवाही ये रही कि देवा इलाके में नहर में दिखने के बाद भी डॉल्फिन को ट्रैक करने व पकड़ने के बजाए वन विभाग की टीम रात में लौट गई थी। 7 फीट लंबी व लगभग 90 किलो वजनी डॉल्फिन को मारने के आरोप में एक शिकारी को वन विभाग की टीम ने दबोच लिया है।

मछली को पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पकड़े गए शिकारी समेत पांच लोगों के खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।

देवा कोतवाली क्षेत्र में शारदा नहर की ब्रांच नहर में उदवतपुर गांव के पास रविवार रात दुर्लभ जलीय जीव गैंगेटिक डॉल्फिन को ग्रामीणों ने देखा। जिसकी सूचना डीएफओ को दी गई। इसके बाद डॉल्फिन को पकड़ने की कवायद शुरू की गई लेकिन वह नहर में डुबकी लगाकर गुम हो गई।
विज्ञापन

ऐसे आई डॉल्फिन ‌शिकारियों के चंगुल में

काफी देर तक नहीं दिखाई पड़ने पर उसकी तलाश में लगाई गई चारों टीम रात में ही लौट गई। सोमवार भोर में हाईवे के पास चौपुला से गैंगेटिक डॉल्फिन प्रतापगंज माइनर में पहुंच गई।

माइनर में पानी कम होने की वजह से वह तैर नहीं पाई। जिससे ग्राम अकबरपुर धनेठी थाना जैदपुर के पास पहले से मौजूद पांच-छह शिकारियों ने उसे मार डाला और घर उठा ले गए।

सूचना पर ग्राम अकबरपुर धनेठी पहुंची वन विभाग की टीम ने गैंगेटिक डॉल्फिन के शव को डीएफओ कार्यालय उठा ले र्गई। साथ ही एक शिकारी सरोज निवासी ग्राम याकूतगंज को गिरफ्तार किया है। सरोज समेत अन्य पांच के खिलाफ वन जीव संरक्षण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है। अन्य पांचों की तलाश की जा रही है।
विज्ञापन

बुलाया गया था कछुआ संरक्षण ग्रुप

वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि गैंगेटिक डॉल्फिन को पकड़ने के लिए विशेष सावधानी बरतनी होती है। इन्हें आम मछली के जाल से नहीं पकड़ा जा सकता। गैंगेटिक डॉल्फिन को पकड़ने के लिए लखनऊ से कछुआ संरक्षण दल को बुलाया गया था।

सोमवार को यह दल बाराबंकी पहुंचने वाला था। लेकिन उससे पहले ही शिकारियों ने उसका शिकार कर लिया। डॉल्फिन प्राय: समुद्र या नदियों में पाई जाती है। समुद्र में पाई जाने मछली काले रंग की होती है।

जबकि नदियों में पाए जाने वाली डॉल्फिन स्लेटी रंग की होती है। इसे गैंगेटिक डॉल्फिन कहते हैं। यह गंगा, चंबल, घाघरा व शारदा नदियों में पायी जाती हैं। या उन नदियों में मिलने की संभावना रहती है जिनका पानी प्रदूषित नहीं होता है।

डीएफओ पीपी सिंह कहते हैं कि डॉल्फिन को पकड़ने के लिए लखनऊ से विशेष दल बुलाया गया था। बारिश होने और घोर अंधेरा होने के चलते रात करीब सवा एक बजे टीम लौट आई थी। सुबह फिर से अभियान चलाया जाना था।

आमतौर पर बिल्कुल अलग दिखने के चलते ग्रामीणों ने गैंगेटिक डॉल्फिन को पकड़ कर अपने घर उठा ले गए होंगे। इस मामले में एक ग्रामीण को गिरफ्तार किया गया है। उसे एसीजेएम कोर्ट में पेश किया था। जहां से एसीजेएम अभिषेक पांडेय ने जेल भेज दिया है। अन्य पांच की तलाश कराई जा रही है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें