आरपीएफ ने चारबाग स्टेशन पर गंगा सतलुज ट्रेन में की कार्रवाई
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। बिहार से जम्मू कश्मीर ले जाए जा रहे पांच नाबालिगों को आरपीएफ की टीम ने तस्करी से बचाया। तस्कर नाबालिगों को गंगा सतलुज एक्सप्रेस से ले जा रहा था, जहां चारबाग स्टेशन पर आरपीएफ ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
मामला बीते शुक्रवार का है। चारबाग आरपीएफ प्रभारी भूपेंद्र सिंह डागर ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई की गई। गाड़ी संख्या 13307 गंगा सतलज एक्सप्रेस से झारखंड निवासी हसरुद्दीन अंसारी बिहार के पांच नाबालिगों को लेकर जम्मू कश्मीर जा रहा था। उसे ट्रेन से पंजाब पहुंचना था, जहां से जम्मू कश्मीर जाता। इन नाबालिगों के बारे में आरपीएफ को सूचना मिली। ट्रेन के चारबाग स्टेशन पर पहुंचने के बाद कार्रवाई की गई। आरपीएफ ने जब नाबालिगों से पूछताछ की तो मामला पकड़ा गया। तस्कर ने बताया कि बच्चों को काम के लिए ले जा रहा था। गिरफ्तार आरोपी को आरपीएफ ने जांच के लिए एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट को सौंप दिया। जबकि नाबालिगों के परिवारवालों को बुलाया गया है। नाबालिगों की चाइल्ड लाइन के जरिए काउंसलिंग की जा रही है।
अच्छी सैलरी का दिया जाता है लालच
बिहार, झारखंड में गरीबी के चलते बच्चों को लेबर के तौर पर पंजाब, जम्मू कश्मीर के जाया जाता है। इसके लिए उनके परिजनों को अच्छी सैलरी का लालच भी दिया जाता है। सूत्र बताते हैं कि इन बच्चों को जम्मू कश्मीर में घरेलू कार्यों में इस्तेमाल किया जाना था, जिसके एवज में 10 से 15 हजार रुपये सैलरी देने का लालच दिया गया था। ऐसे मामले पहले भी पकड़ में आ चुके हैं।
तो क्या करने वाला था बच्चों का सौदा
सूत्र बताते हैं हसीरुदीन अंसारी बिहार से लाए गए बच्चों को बेचने वाला था। ऐसी आशंका जताई जा रही है। लेकिन उसकी पुष्टि अफसर नहीं कर रहे हैं। ह्यूमन ट्रैफिकिंग की जांच के बाद ही अफसर पुख्ता तौर पर कुछ कहने की बात बता रहे हैं।