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हूजी ने नहीं, आईएम ने कराए थे यूपी में विस्फोट

Sat, 12 Oct 2013 12:37 AM IST
विष्णु मोहन/लखनऊ
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आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) के कमांडर यासीन भटकल और उसके साथी असदुल्ला की बात पर भरोसा किया जाए तो उत्तर प्रदेश में 2005 से 2007 के दौरान हुए सभी पांच विस्फोटों में आईएम का हाथ था न कि हूजी का।
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हालांकि, विस्फोट के बाद राज्य की एसटीएफ ने इन सभी धमाकों के पीछे हूजी का हाथ होने की बात कही थी। बहरहाल यासीन के इस खुलासे की तस्दीक की जा रही है।

अगर यासीन की बात सच साबित होती है तो एसटीएफ के खुलासे गलत साबित हो जाएंगे। ऐसे में एसटीएफ ने पूर्व में जिन कथित आतंकियों को पकड़ा था उनके छूटने की राह भी आसान हो जाएगी। फिलहाल, केंद्रीय व राज्य की जांच एजेंसियों के अधिकारी इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं।

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सूत्रों का कहना है कि आईबी और एनआईए के अधिकारियों की पूछताछ में यासीन ने अन्य जगहों की घटनाओं के साथ ही यूपी में 2005 से 2007 के दौरान हुए धमाकों के पीछे भी आईएम का हाथ होने का खुलासा किया।
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यहां हुए थे विस्फोट
उत्तर प्रदेश में 2005 में जौनपुर में श्रमजीवी एक्सप्रेस में विस्फोट, 2006 में वाराणसी में संकटमोचन मंदिर ब्लास्ट व रेलवे स्टेशन पर विस्फोट और 2007 में लखनऊ, फैजाबाद व वाराणसी कोर्ट में हुए विस्फोट की वारदातें हुईं।

विस्फोटों के आरोप में ये पकड़े गए
श्रमजीवी ब्लास्ट के मामले में एसटीएफ ने हूजी के कमांडर उबैदुर्रहमान उर्फ बाबू भाई, हिलाल उर्फ हिलालुद्दीन, नफीकुल विश्वास और मोहम्मद आलमगिरी को गिरफ्तार किया था।

ये सभी जेल में हैं और उनके मुकदमे ट्रायल पर चल रहे हैं। ऐसे ही 2006 के संकटमोचन व रेलवे स्टेशन ब्लास्ट एसटीएफ ने हूजी के सदस्य वली उल्लाह को मुख्य अभियुक्त माना था। वली उल्लाह इसी आरोप में जेल में है और उसके भी मुकदमे का ट्रायल पर चल रहा है।

इसके साथ ही 2007 में लखनऊ, फैजाबाद व वाराणसी कोर्ट ब्लास्ट के मामले में एसटीएफ ने तारिक काजमी, खालिद मुजाहिद (अब मृतक),सजादुर्रहमान और मोहम्मद अख्तर समेत अन्य को गिरफ्तार किया था। इन चारों को एसटीएफ ने हूजी से जुड़ा बताया था।
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