लखनऊ। सुप्रीम कोर्ट से अनुमति न मिलने के कारण कुकरैल स्थित नाइट सफारी व एडवेंचर पार्क के निर्माण को बहरहाल अगले आदेश तक रोक दिया गया है। वन विभाग के अनुसार, राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) और कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद ही काम शुरू होंगे।
एनजीटी में याचिकाकर्ता आलोक सिंह ने बताया कि कोर्ट में 29 अगस्त को कुकरैल मामले की सुनवाई हुई। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सेंट्रल इंपावर्ड कमेटी के समक्ष आवेदन दाखिल करने का आदेश दिया है। चार सप्ताह बाद कोर्ट में पुन: सुनवाई होगी। उन्होंने बताया कि वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत संरक्षित क्षेत्रों को छोड़कर अन्य वनक्षेत्रों में चिड़ियाघरों और सफारियों की स्थापना के लिए सरकार को सर्वोच्च न्यायालय से अनुमति लेनी पड़ती है। इसी के तहत कुकरैल में बनने वाली नाइट सफाई व पार्क निर्माण में जब तक कोर्ट की अनुमति नहीं मिलती आगे का काम शुरू नहीं हो सकता है।
900 एकड़ में स्थापित होना है नाइट सफारी
सरकार की ड्रीम प्रोजेक्ट नाइट सफारी व पार्क का निर्माण कुल 900 एकड़ में होना है। इसकी कुल लागत करीब 1500 करोड़ का होगा। इनमें बागवानी, थिएटर, आर्ट गैलरी,जीव जतुंओं के लिए एनक्लोजर व अन्य सुविधाएं शामिल हैं।