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सोलर पैनल कैसे लगे, जब पोर्टल ने स्वत: बदल दिया आवेदकों का जिला

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सोलर पैनल।
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लखनऊ। गोमतीनगर निवासी अमित कुमार ने डेढ़ माह पहले अपने घर की छत पर सोलर पैनल लगवाने के लिए आवेदन किया था। पंजीकरण के दौरान उन्होंने पता गोमतीनगर, लखनऊ दर्ज किया, लेकिन कुछ ही दिन बाद जब उन्होंने पीएम सूर्य घर पोर्टल खोला, तो पाया कि उनका जनपद स्वतः बदलकर कानपुर हो गया है। समस्या यह है कि कनेक्शन स्थल तो लखनऊ में है, लेकिन पोर्टल पर जनपद कानपुर दिखने से रिपोर्ट व इंस्टॉलेशन प्रक्रिया एक माह से अटकी हुई है।
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अमित ही नहीं, गोमतीनगर के कई अन्य आवेदक भी इसी परेशानी से जूझ रहे हैं। किसी ने जनपद लखनऊ भरा, तो कुछ दिन बाद वह बदलकर कानपुर हो गया।
राजधानी में सोलर पैनल के आवेदकों को पंजीकरण के बाद अजीबोगरीब तकनीकी खामी का सामना करना पड़ रहा है। यानी, पोर्टल पर आवेदनों का गृह जनपद अपने-आप बदल जा रहा है, जबकि कनेक्शन स्थल का पता जस का तस है। खासतौर पर गोमतीनगर क्षेत्र में। अब सवाल यह है कि जब जनपद ही बदल गया, तो सोलर पैनल की स्वीकृति और स्थापना कैसे होगी? लापरवाही की हद यह है कि नेडा प्रबंधन इस तकनीकी त्रुटि की बेखबर है।
वेंडरों के माध्यम से आवेदन करने वाले एक अन्य आवेदक राजेश ने बताया कि जब उन्होंने खुद पोर्टल पर विवरण देखा, तो दर्जनों आवेदनों में यही गड़बड़ी मिली। उनके अनुसार, गोमतीनगर के लगभग हर पंजीकरण में जिला बदल चुका था, जिससे आवेदक परेशान और वेंडर हैरान हैं।
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पता सही, लेकिन रिपोर्ट नहीं लग पा रही
आवेदक आरिफ ने बताया कि पंजीकरण के बाद एक माह बीत गया, लेकिन पैनल की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी। जब उन्होंने बिजली विभाग के कार्यालय में संपर्क किया तो पता चला कि जहां सोलर पैनल लगना है, वह कानपुर जनपद में दर्ज है, इसलिए लखनऊ की टीम रिपोर्ट नहीं लगा सकती। आरिफ ने कहा कि जनपद को छोड़कर पूरा पता सही है, मगर आवेदन फंस गया है।
वेंडर बोले- सिस्टम की तकनीकी खामी
वेंडरों का कहना है कि पोर्टल में तकनीकी खामी के कारण ही जनपद बदल रहा है। इससे सोलर पैनल इंस्टॉलेशन, रिपोर्टिंग और सब्सिडी की पूरी प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। उनका कहना है कि अगर जल्द सुधार नहीं हुआ तो अधिकांश आवेदन दोबारा करने पड़ेंगे।

Iआवेदकों के सोलर पैनल स्थल का पता भले सही है, लेकिन जब तक पोर्टल पर जनपद सही नहीं होगा, रिपोर्ट नहीं लग सकती। जनपद की त्रुटि सुधारने के बाद ही प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।I
I- धीरज कुमार, एक्सईएन, गोमतीनगर लेसाI

Iऐसा प्रतीत होता है कि पोर्टल में तकनीकी खामी या किसी स्तर पर छेड़छाड़ हो रही है। मामला मेरे संज्ञान में आ चुका है। गोमतीनगर स्थित नेडा कार्यालय से इसकी जांच कराई जाएगी।I
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I- कमलेश यादव, नेडा अधिकारीI
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