लखनऊ। सिविल अस्पताल की इमरजेंसी ओपीडी के विस्तार की राह अब खुल गई है। अस्पताल प्रशासन ने निर्माण की जिम्मेदारी संभाल रही कार्यदायी संस्था आवास विकास को नई फाइल और एस्टीमेट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। संस्था ने विस्तार के लिए आवश्यक नपाई का काम पूरा कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि बजट मिलते ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
वर्तमान में सिविल अस्पताल की इमरजेंसी 30 बेड की है, जबकि इमरजेंसी ओपीडी में केवल दो स्ट्रेचर लगे हैं, जहां मरीजों को प्राथमिक उपचार देकर इमरजेंसी वार्ड में स्थानांतरित किया जाता है। क्षमता कम होने से मरीजों को इलाज के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। अक्सर मरीज काफी देर तक इमरजेंसी ओपीडी के बाहर गेट पर बैठे रहते हैं और स्ट्रेचर खाली होने का इंतजार करते हैं।
इस समस्या को देखते हुए, तत्कालीन सीएमएस डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने इमरजेंसी ओपीडी के विस्तार की योजना बनाई थी। कार्यदायी संस्था ने फाइल भी तैयार की थी, जिसे बाद में अफसरों ने किन्हीं कारणों से खारिज कर दिया था। सीएमएस के रिटायरमेंट के बाद यह परियोजना ठंडे बस्ते में चली गई थी। अमर उजाला ने इस मुद्दे को उठाया, जिसके बाद अब फिर विस्तार की फाइलें तैयार की जा रही हैं।
सीएमएस डॉ. देवेश चंद्र पांडेय ने बताया कि आवास विकास को विस्तार की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वही इसका पूरा खाका तैयार करेगा।