आवास विकास परिषद के पांच हजार कर्मचारियों को पेंशन मिलने का रास्ता साफ हो गया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश को परिषद ने अपने बोर्ड से स्वीकृत कर दिया। परिषद के लगभग 5000 कर्मचारी पेंशन के लिए 18 वर्ष से संघर्ष कर रहे थे। करीब तीन महीने पहले सुप्रीम कोर्ट से कर्मचारियों के पक्ष में फैसला आने के बाद इसे बोर्ड की मंजूरी का इंतजार था।
आवास विकास परिषद बोर्ड की बैठक मंगलवार को प्रमुख सचिव आवास सदाकांत की अध्यक्षता में हुई। इस फैसले से उन 500 कर्मचारियों को भी लाभ मिलेगा जो दिसंबर में रिटायर हो रहे हैं। पेंशन की मांग 1996 में उठी थी। हाईकोर्ट ने इसे सही ठहराया था लेकिन कोर्ट के फैसले पर सार्वजनिक उद्यम ब्यूरो ने आपत्ति कर दी।
उसका कहना था कि दूसरे निगम भी इसकी मांग करेंगे। इस पर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की थी। बैठक में मिनिस्टीरियल संवर्ग को बढ़ा हुआ वेतनमान देने के लिए काडर री स्ट्रक्चर के लिए कमेटी बना दी गई है।