नए साल में लखनऊवासियों पर गृहकर का बोझ करीब दोगुना हो जाएगा। इसके साथ ही जलकर भी अपने आप बढ़ जाएगा। जनवरी में नगर निगम सदन में गृहकर की दरों में बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव लाया जाएगा। इसके बाद अप्रैल से नई दरों को लागू कर दिया जाएगा।
बृहस्पतिवार को नगर निगम कार्यकारिणी बैठक में बनी सहमति के बाद इसकी जानकारी नगर आयुक्त इंद्रमणि त्रिपाठी ने दी। नई दरों के तहत वसूली अगले साल अप्रैल से शुरू होने वाले वित्तीय वर्ष 2020-21 में की जाएगी।
अधिनियम के तहत हर दो साल में हाउस टैक्स की दरों को पुनरीक्षित करने का प्रावधान है, लेकिन 2010 के बाद से ऐसा नहीं किया गया है। इस कारण टैक्स की दरों में बढ़ोत्तरी का काम पहले ही करीब सात साल लेट चल रहा है। इससे टैक्स बढ़ोत्तरी को लेकर शासन-प्रशासन का दबाव भी है। पहले जेएनएनयूआरएम और अब अमृत मिशन में भी निकायों पर आय में बढ़ोत्तरी को लेकर भी दबाव है