लखनऊ। शहर में अभी करीब साढ़े तीन लाख मकान-फ्लैट ऐसे हैं जिनका गृहकर नगर निगम में एक बार भी जमा नहीं हुआ है। इनसे भी गृहकर वसूल किया जाएगा। इसे लेकर नगर निगम के पुनरीक्षित बजट में गृहकर वसूली का लक्ष्य भी 621 करोड़ से बढ़ाकर 700 करोड़ रुपये कर दिया गया है। पालतू कुत्तों के लाइसेंस ज्यादा बनाकर भी नगर निगम आय बढ़ाएगा। इसके लिए सफाई कर्मियों को लगाया जाएगा।
चालू वित्तीय के बजट में गृहकर वसूली लिए के 621 करोड़ रुपये के लक्ष्य के सापेक्ष नगर निगम ने अब तक 324 करोड़ रुपये की वसूली की है। ऐसे में अभी 297 करोड़ रुपये की वसूली बाकी है। इसके बाद भी लक्ष्य को 79 करोड़ रुपये क्यों बढ़ाया गया, इस पर नगर आयुक्त इंद्रजीत सिंह ने बताया कि यह लक्ष्य पूरा हो जाएगा। रेलवे पर करीब 200 करोड़ रुपये गृहकर बकाया है। जीआईएस सर्वे में करीब 8.50 लाख संपत्तियां सामने आई हैं।
सीमा विस्तार वाले इलाकों का अभी सर्वे पूरा नहीं हो पाया है। अभी नगर निगम 6.78 लाख घरों से ही टैक्स ले रहा है। नगर निगम की सीमा विस्तार के बाद जानकीपुरम विस्तार, गोमतीनगर विस्तार, शहीद पथ के किनारे बसी काॅलोनियों भी नगर निगम मेंं आई हैं। इस तरह करीब साढ़े तीन लाख मकान-फ्लैट ऐसे हैं जिनका एक भी बार भी नगर निगम मेंं टैक्स जमा नहीं हुआ। इनसे भी टैक्स लिया जाएगा।
बिजली विभाग का 63 करोड़ टैक्स सीधे शासन से मिलेगा
नगर आयुक्त ने बताया कि पहले नगर निगम के गृहकर और बिजली विभाग के बिल का समायोजन होता था। इससे नगर निगम का नुकसान हो रहा था। अब नगर निगम बिजली विभाग से गृहकर लेगा और बिजली विभाग का जो बिल नगर निगम के कार्यालयों का होगा वह देगा। शासन स्तर पर यह तय हो गया है। अब शासन ही राज्य वित्त के बजट से गृहकर कर पैसा बिजली विभाग के बजट से काटकर नगर निगम को दे देगा।
सर्वे में सामने आईं शहर में टैक्स न देने वाली यह संपत्तियां
फ्लैट 51,708
अपार्टमेंट 636
अपार्टमेंट में व्यावसायिक भवन 2,155
व्यावायिक संपत्तियां 25,435