लखन्ाऊ में हाउस टैक्स बढ़ सकता है। आठ साल पहले इसकी दरें तय की गईं थी। तबसे इनमें कोई बढ़ोत्तरी नहीं हुई है। इसे देखते हुए शासन के उत्तर प्रदेश नगर पालिका वित्तीय संसाधन विकास बोर्ड ने नगर निगम को इस संबंध में कार्यवाही के निर्देश जारी किए हैं।
इसमें यह भी कहा गया कि हर दो साल में दरों को पुनरीक्षित किया जाना चाहिए, पर 2010 से ऐसा नहीं किया गया। बोर्ड सचिव की ओर से ये निर्देश बीते 11 अक्तूबर को गृहकर के संबंध में हुई बैठक के बाद जारी किए गए हैं। हालांकि प्रस्ताव पास होने के लिए नगर निगम कार्यकारिणी और सदन की मंजूरी जरूरी है।
उत्तर प्रदेश नगर पालिका वित्तीय संसाधन विकास बोर्ड की सचिव रीना सिंह की ओर से निर्देश जारी होने के बाद आने वाले दिनों में हाउस टैक्स बढ़ सकता है। हालांकि अभी इसे लेकर सभी चुप्पी साधे हैं। पहले जेएनएनयूआरएम और अब अमृत मिशन में भी निकायों पर आय में बढ़ोतरी को लेकर दबाव है।
नगर निगम अधिनियम के तहत 2010 के बाद टैक्स दरों में बढ़ोत्तरी का काम अब तक चार बार हो जाना चाहिए था, मगर एक बार भी नहीं हुआ। वहीं, अधिनियम के तहत ही हर चार साल पर सामान्य गृहकर निर्धारण करने का प्रावधान है, लेकिन यह भी 2010 के बाद से नहीं किया गया। इस कारण निगम प्रशासन की गृहकर में आय नहीं बढ़ पा रही। इसे देखते हुए उत्तर प्रदेश नगर पालिका वित्तीय संसाधन विकास बोर्ड की ओर से गृहकर की दरें पुनरीक्षित करने के निर्देश जारी किए गए हैं।