लखनऊ। खाने में हर किसी को भरपूर पोषक तत्व कैसे मिले, इसके लिए भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) की पहल पर टेक्नोसर्व, खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन विभाग ने अलीगंज स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट (आईएचएम) में फूड फोर्टिफिकेशन पर कार्यशाला की।
कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए डीएम विशाख जी ने भोजन में पोषक तत्वों की महत्ता बताते हुए जनपद में फूड टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए होटल एंड कुलिनरी इंडस्ट्री को प्रोत्साहित करने में रुचि दिखाई। कहा कि स्वाद के साथ स्वास्थ्य सिद्धांत को ध्यान में रखते हुए नए प्रयोग की जरूरत है। टेक्नोसर्व के प्रतिनिधि अभिषेक शुक्ला व शुभम मिश्रा ने खाद्य पदार्थों में फूड फोर्टिफिकेशन के विषय में जानकारी दी। सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय वीपी सिंह ने बताया कि जिस पैकेट पर एफ प्लस का लोगो होता है, वह फोर्टिफाईड खाद्य पदार्थ होता है। इसमें विटामिन ए, डी, आयरन, फोलिक एसिड और जिंक मौजूद होता है। खाद्य तेल, दूध और चावल में फोर्टिफिकेशन किया जा रहा है। व्यापारियों ने भी सुझाव रखे। आईएचएम के प्रधानाचार्य नीलेंद्र प्रताप श्रीवास्तव, एसोचैम चेयरमैन (न्यूट्रिशन टास्क फोर्स) अरुण ओम लाल, डिप्टी आरएमओ विपुल सिन्हा, शहर के राइस व फ्लोर मिलर्स, ऑयल व मिल्क पैकेजर्स समेत आईएचएम के 600 छात्रा छात्राओं ने कार्यशाला में हिस्सा लिया।