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लखनऊ की होटल इंडस्ट्री: पटरी पर आया 40 फीसदी कारोबार, अब सहालग व ट्रेनों से आस

Wed, 16 Sep 2020 06:04 PM IST
ishwar ashish रोली खन्ना, अमर उजाला, लखनऊ
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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होटल-रेस्टोरेंट इंडस्ट्री धीरे-धीरे महामारी की छाया से निकल कर आगे बढ़ने लगी है। इस इंडस्ट्री से जुड़े उद्यमियों का कहना है कि शादियों में शामिल होने वाले लोगों की संख्या में बढ़ोतरी, पटरी पर लौटती ट्रेनें अच्छा संकेत हैं। अनलॉक के बाद इंडस्ट्री को 40 फीसदी तक बिजनेस मिलने लगा है। नवंबर से दिसंबर तक शादियों के मौसम में कारोबार में तेजी के आसार नजर आ रहे हैं।

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होटल एसोसिएशन के श्याम कृष्नानी कहते हैं कि 21 सितंबर से 100 लोगों की संख्या वाले समारोह शुरू हो जाएंगे, इससे इवेंट शुरू हो सकेंगे। साथ ही शादियों के लिए शहर के सभी होटल बुक हो चुके हैं। 25 नवंबर से 11 दिसंबर तक कोई खाली नहीं मिलेगा। वहीं, चारबाग होटल एंड रेस्टोरेंट ओनर एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेन्द्र शर्मा कहते हैं कि ट्रेनों की संख्या जैसे-जैसे बढ़ेगी, होटल कारोबार में और तेजी आएगी।

वेडिंग वेन्यू ब्लॉक, संख्या बढ़ने से कारोबार और बढ़ेगा
होटल हयात के जीएम आशीष कुमार कहते हैं कि जिस गति से इंडस्ट्री आगे बढ़ रही है, भविष्य संतोषजनक लग रहा है। शादियों में 30 के बाद 100 लोगों की अनुमति से लोगों में उत्साह बढ़ा है। वेन्यू तो बुक हो ही चुके हैं। हमें उम्मीद है कि जिस तरह से ढील दी जा रही है, उससे यह संख्या नवंबर तक 200-250 तक हो सकती है। ऐसे में हमारा बिजनेस तो बढ़ेगा ही।
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होटल क्लार्क अवध के सेल्स एंड मार्केटिंग हेड पीएल गुप्ता कहते हैं कि रूम डिवीजन से कारोबार में 40 फीसदी तक सहयोग मिलने लगा है। 200-250 तक लोगों के समारोह की अनुमति मिल जाए तो इस वित्तीय वर्ष में कारोबार संभल जाएगा।

इधर, ट्रेनों की संख्या बढ़ने से जगी उम्मीद

कारोबार सुरेंद्र शर्मा कहते हैं कि खाने-पीने के होटल हों या फिर ठहरने वाले, फर्क पड़ा है। चूंकि चारबाग में 99 फीसदी होटल कारोबार रेलवे पर निर्भर करता है, इसलिए ट्रेन चलेगी तो इंडस्ट्री भी चलेगी। शहर के चारबाग स्टेशन के इलाके में ही करीब 250-300 होटल हैं। यहां तीन- चार होटलों को छोड़ दें तो सभी यात्रियों के ठहरने के लिए हैं।

होटल एसएस के प्रताप नारायण, न्यू शर्मा होटल के चंद्र कुमार शर्मा कहते हैं कि जैसे-जैसे ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी, परीक्षाओं की इजाजत मिलेगी और मीटिंग का दौर शुरू होगा, कारोबार को तेजी से पंख लगेंगे।
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शहर के होटल उद्योग पर एक नजर

- 35 के करीब है ब्रांडेड होटलों की संख्या
- 75 के करीब नॉन ब्रांडेड, लेकिन बड़े होटल
- 1000 से अधिक है छोटे होटलों की संख्या

- 03 करोड़ से लेकर 30 लाख तक महीने में कमाते हैं होटल
- 70 लाख रुपये औसत 100 होटलों की एक महीने की कमाई
- 01 करोड़ रुपये एक महीने की कमाई शादियों के सीजन में
- 100 होटलों के पास है बैंक्वेट हॉल।
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