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मरीज की मौत का अजब केस, हत्या का आरोपी डॉक्टर!

Sun, 04 Oct 2015 10:29 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कानपुर
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कानपुर हैलट में भर्ती महिला रेखा जैन का शव शनिवार को बिठूर के नारामऊ क्षेत्र में मिला। बेटे डॉ. गौरव जैन का आरोप है कि जेआर हर्षित सिन्हा ने उनकी मां का मर्डर करा दिया। तर्क है कि उनकी मां बिना सहारा दिए चार कदम नहीं चल सकती थी, ऐसे में 14 किमी दूर शव मिलने का संकेत यही है।
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उधर, इस आरोप से हैलट प्रशासन में हड़कंप मच गया है। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं, यह देखने की कोशिश हो रही है कि महिला को कौन और कैसे ले गया। बता दें कि दो महीने पहले इसी हैलट अस्पताल से एक बीमार महिला को गंगा बैराज के पास फिंकवा दिया गया था। बवाल मचने पर चार जूनियर डॉक्टर सस्पेंड हुए थे।

रेखा जैन(55) सहारनपुर कोतवाली के गौरीशंकर बाजार की निवासी थीं। डॉ. गौरव कंप्यूटर साइंस में पीएचडी हैं। उनके मुताबिक मां को 15 दिन पहले बुखार हुआ था। इलाज के बाद उनकी हालत सुधर गई।
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फिर वह बीमार हो गए। एक अक्तूबर को मां और वह यहां अशोक नगर में एक रिश्तेदार के घर आए थे। रिश्तेदार ने ठहराने से मना कर दिया। इसी बीच मां की हालत बिगड़ी तो वह शुक्रवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे मां को लेकर हैलट इमरजेंसी पहुंचे। जूनियर डॉक्टर(जेआर) ने मेडिसिन वार्ड में बेड नंबर तीन पर भर्ती कर लिया।

गवाहों ने दिया सुराग

शाम छह बजे जेआर ने उन्हें वार्ड से बाहर कर दिया। इससे वह रैनबसेरा में सोए। सुबह लगभग साढ़े पांच बजे मां के पास पहुंचे तो बेड खाली था। लोगों के साथ ही जिस जूनियर डॉक्टर हर्षित सिन्हा ने मां को भर्ती किया था उन्होंने भी अनभिज्ञता जता दी। मां को वह वार्डों में तलाश रहे थे।

इधर, शनिवार दोपहर बिठूर के नारामऊ में मॉडल डेयरी के पीछे महिला का शव मिला। वह मैक्सी पहने थी। जैसे-तैसे यह खबर डॉ. गौरव जैन को मिली तो उन्होंने फोटो देखकर मां की पहचान कर ली। आरोप लगाया कि मां का मर्डर हुआ है।

कान में सोने की बाली पड़ी होने से पुलिस का मानना है कि लूट के इरादे से कोई वारदात नहीं हुई है। दूसरी ओर कुछ प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि रात में कुछ हैलटकर्मी महिला को रैन बसेरा तक लेकर आए थे। इसके बाद क्या हुआ, वे नहीं जानते।

शुक्रवार को मेरी ही यूनिट थी। मैं रात 7:30बजे खुद राउंड पर गया था, ऐसी कोई महिला भर्ती नहीं थी। जानकारी करा रहा हूं। जिस जेआर(जूनियर डॉक्टर) हर्षित सिन्हा पर आरोप लग रहा है, उनकी भी जानकारी करा रहा हूं। -डॉ. सौरभ अग्रवाल, मेडिसिन विभाग
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जानें क्या बोली पुलिस और डॉक्टर

महिला को मेडिसिन के डॉक्टरों ने मानसिक रोग की ओपीडी में दिखाने को कहा था। उसे कमजोरी लगने पर जेआर ने वार्ड में थोड़ी देर आराम करने को कहा था। अचानक बेटा गायब हो गया।

सीएमएस डॉ. सीएस सिंह का कहना है, सुबह से वह मां के लापता हो जाने की बात कह हंगामा कर रहा है। महिला देर रात इमरजेंसी के बाहर टहलते देखी गई थी। इससे लगता है कि वह खुद ही हैलट से चली गई थी।

बिठूर इंस्पेक्टर संजय मिश्रा का कहना है, अभी अधिकृत रूप से पहचान हो जाने की बात नहीं बताई गई है। यह जरूर है कि जिस महिला का शव मिला वह दोपहर में सवा दो बजे पैदल टहलते देखी गई थी। बेहोश होकर गिरी और मौत हो गई। यह लग रहा था कि जैसे उसे खाना-पीना न मिला हो। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत की वजह पता चलेगी।

स्वरूप नगर इंस्पेक्टर कमल यादव का कहना है,फोटो देखकर गौरव ने पहचाना है कि यह उनकी मां हैं। शव दिखाने के लिए मोर्चरी की चाबी मंगाई गई है। गौरव ने मां की हत्या का मौखिक आरोप लगाया है।
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