इंडो इस्लामिक रिसर्च सेंटर और म्यूजियम में हिंदुस्तान की साझी विरासत की झलक दिखेगी। वर्ष 1857 के क्रांतिकारियों के साथ ही कबीर, रहीम, रसखान, अमीर खुसरो आदि की भी जानकारी होगी। वहीं महात्मा गांधी के करीबी मौलाना अब्दुल बारी फरंगी महली से भी रूबरू कराया जाएगा।