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Hospital on land doner's name: अब जमीन दान देने वालों के नाम से अस्पतालों का हो सकेगा नामकरण

Wed, 15 Jun 2022 01:16 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

यूपी कैबिनेट की नई नियमावली के अनुसार अस्पताल के लिए जमीन दान करने पर अस्पताल का नाम दानदाता या उसके परिजन के नाम पर रख सकेगा। इस संबंध में नियमावली को सरकार ने मंजूरी दे दी है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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स्वास्थ्य विभाग अब आबादी क्षेत्र में जमीन खरीद कर नया अस्पताल बना सकेगा। यदि कोई व्यक्ति अपनी जमीन अस्पताल के लिए दान करता है तो संबंधित अस्पताल का नामकरण उसके या उसके परिजन के नाम पर किया जा सकेगा। इस संबंध में नई नियमावली बनाई गई है, जिसे कैबिनेट बैठक में मंजूरी दे दी गई है।

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प्रदेश में अब तक सरकारी अस्पतालों का निर्माण ग्राम समाज अथवा अन्य सरकारी जमीन पर किया जाता है। यह जमीन आबादी क्षेत्र से काफी दूर होती है। ऐसे में यहां चिकित्सक व चिकित्साकर्मी रहने से कतराते हैं। सुनसान इलाके में अस्पताल होने से उनकी सुरक्षा भी प्रभावित होती है। स्वास्थ्य विभाग के सर्वे में यह बात सामने आई कि यदि आबादी क्षेत्र में अस्पताल रहे तो उसके रखरखाव व सुरक्षा की बेहतर व्यवस्था हो सकेगी और स्टॉफ भी रुकने से परहेज नहीं करेगा। इसके मद्देनजर स्वस्थ्य विभाग ने अस्पताल निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण एवं क्रय किए जाने के संबंध में नई नियमावली तैयार की है।

इस नियमावली के तहत आबादी क्षेत्र में अब स्वास्थ्य विभाग जमीन खरीद कर अस्पताल बनवा सकेगा। इसी तरह यह भी विकल्प दिया गया है कि यदि कोई व्यक्ति आबादी क्षेत्र की जमीन दान में देता है तो संबंधित अस्पताल का नामकरण उसके या उसके परिजन के नाम से किया जा सकेगा। भू स्वामी अस्पताल के लिए आबादी क्षेत्र की जमीन दान करके उतनी ही सरकारी जमीन दूर दराज हासिल भी कर सकता है। नई नियमावली में यह भी व्यवस्था की गई है कि नए अस्पताल का निर्माण कराते वक्त यह देखा जाएगा कि संबंधित क्षेत्र के एक किलोमीटर के दायरे में पहले से कोई सरकारी अस्पताल न हो। इसी तरह सामुदायिक एवं जिला अस्पताल से भी दूरी के मानक तय किए गए हैं।
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प्रयोगशाला सहायक (ग्राम्य) सेवा नियमावली में बदलाव
प्रदेश में प्रयोगशाला सहायक (ग्राम्य) सेवा नियमावली द्वितीय संशोधन को भी कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। इसके तहत अब अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से चयनित होने के बाद ही प्रशिक्षण दिया जाएगा। अब तक इंटरमीडिएट पास होने वालों को छह माह का प्रशिक्षण देकर पीएचसी पर प्रयोगशाला सहायक के रूप में तैनात कर दिया जाता था। लेकिन अब इस पद पर नई भर्ती नहीं हो रही है। लैब टेक्नीशियन के लिए दो साल का प्रशिक्षण दिया जाता है। ऐसे में अब लैब टेक्नीशियन का चयन आयोग से होने के बाद ही प्रशिक्षण दिया जाएगा।

पुराने भवन होंगे ध्वस्त
चंदौली में निर्माणधीन राजकीय मेडिकल कॉलेज से संबद्ध पंडित कमलापति त्रिपाठी जिला संयुक्त चिकित्साल परिसर के 13 भवनों में 12 ध्वस्त किए जाएंगे। इनके स्थान पर नए भवन बनाए जाएंगे। कैबिनेट ने इससे प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

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