कानपुर के शिवराजपुर में मिले युवती के शव का मामला ऑनर किलिंग का ही निकला। पुलिस के अनुसार बांगरमऊ उन्नाव के शादीपुर गांव निवासी युवती की हत्या उसके पिता लालाराम, फूफा मन्ना पाल और मामा बनवारी ने गला दबाकर की थी।
दूसरे मामा विनोद ने साक्ष्य मिटाने में साथ दिया था। चारों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। बुधवार सुबह शिवराजपुर में ग्रामसभा टकटौली के बाकरगंज गांव में निचली गंग नहर के पास युवती का शव मिला था। उसकी शिनाख्त शादीपुर गांव निवासी लाला पाल की बेटी प्रीती (22) के रूप में हुई थी।
एसपी ग्रामीण एस एन तिवारी ने बताया कि प्रीती के कपड़ों में एक पर्ची मिली थी जिस पर लिखा मोबाइल नंबर युवती के मौसा छोटेलाल का निकला। छोटेलाल को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो मामले का खुलासा हुआ।
छोटेलाल ने बताया कि लालाराम ने प्रीती की शादी 2013 में दुबाईनपुरवा बांगरमऊ निवासी अनुज पाल से की थी। छह महीने बाद ही पति को छोड़कर प्रीती घर आ गई। फिर 2015 में लालाराम ने प्रीती की शादी फत्तेपुर चौरासी निवासी मटरू से की।
तीन महीने पहले अपनी ससुराल से प्रीती पास के गांव मुस्का के विक्रम पासी के साथ चंडीगढ़ चली गई। अभी होली पर 21 मार्च को प्रीती चंडीगढ़ से अपने पिता के घर वापस आई। परिजनों ने प्रीती से उसके पति मटरू के पास जाने को कहा तो उसने मना कर दिया।