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अयोध्या में गृहमंत्रालय की टीम सजा रही फाइबर का राममंदिर, पीएम के आगमन को लेकर तैयारियां तेज

Mon, 16 Mar 2020 05:28 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अयोध्या
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राम मंदिर का प्रस्तावित मॉडल। - फोटो : amar ujala
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श्रीरामजन्मभूमि पर गर्भगृह में विराजमान रामलला के विग्रह को करीब ढाई सौ मीटर पूरब अस्थाई मंदिर में लाने की तैयारी रविवार को गृह मंत्रालय की टीम ने संभाल ली है। कड़ी सुरक्षा में वेल्डिंग मशीन मंगाकर तैयार किए गए पक्के चबूतरे पर स्टील का फाउंडेशन बनाने का काम शुरू हो गया है। इसी पर बुलेट प्रूफ फाइबर के मंदिर का फ्रेम कसा जाएगा, साथ ही गर्मी से बचाव को एयर कंडीशन भी लगेगा।

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अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी के ओएसडी अशोक कुमार सिंह के साथ गृह मंत्रालय दिल्ली से आए सात अन्य सदस्यों की टीम ने श्रीरामजन्मभूमि स्थित मानस भवन में दिल्ली से लाकर अस्थाई राममंदिर का पैनल, फ्रेम आदि सामग्री शनिवार रात में ही शिफ्ट कराई थी।

राममंदिर के लिए प्रधानमंत्री द्वारा भूमिपूजन करने से पहले विराजमान रामलला को शिफ्ट करने के साथ परिसर के समतलीकरण व गर्भगृह के पास से लोहे की बाड़ हटाने का काम भी होना है। यह काम राममंदिर ट्रस्ट के बजाय गृहमंत्रालय ने रविवार को अपने हाथ में ले लिया है।
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रविवार को सबसे पहले सख्त सुरक्षा ब्लूप्रिंट के तहत विराजमान रामलला के विग्रह को गर्भगृह से करीब ढाई सौ मीटर पूरब अस्थाई मंदिर में स्थापित करने के लिए ट्रस्ट की ओर से बनाए गए पक्के चबूतरे पर स्टील का फाउंडेशन तैयार करने का काम शुरू हुआ।

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स्टील का फाउंडेशन तैयार करने के लिए लगाई गई वेल्डिंग मशीन

सूत्र बताते हैं कि सबसे पहले चबूतरे का लेबल जांचा गया, फिर स्टील का फाउंडेशन तैयार करने के लिए वेल्डिंग मशीन मंगाई गई। सूत्र बताते हैं फाइबर का बुलेट प्रूफ अस्थाई राममंदिर का पैनल, फ्रेम, शीशा आदि लेकर दिल्ली से आई टीम ने सारा सामान परिसर में स्थित मानस भवन में सीआरपीएफ की सुरक्षा घेरा में रखवाया है।

फाउंडेशन तैयार होते ही इस पर पैनल व फ्रेम कसा जाएगा, फिर फाइबर व बुलेट प्रूफ शीशे को लगाया जाएगा। पीछे फाइबर की सीट होगी, जबकि चारों तरफ से बुलेट प्रूफ शीशे के भव्य मंदिर का एक घेरा और बनेगा, जहां सिर्फ पुजारियों के परिक्रमा व पूजा लायक जगह होगी, फिर बाहरी घेरा में पीछे फाइबर की सीट होगी। जबकि, तीन तरफ बुलेट प्रूफ शीशे का दूसरा घेरा होगा।

भक्तों को तीन तरफ से करीब 20 फीट दूरी से रामलला के दर्शन हो सकते हैं। इसी मंदिर में रामलला समेत अन्य विराजमान विग्रह 24 मार्च को शिफ्ट किए जाएंगे।
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भूमि पूजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कराने की स्वीकृति पहले ही मिल चुकी है

श्रीरामजन्मभूमि पर मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन की तिथि व मुहूर्त नवरात्र बाद 4 अप्रैल को यहां होने वाली श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में तय होना है। भूमि पूजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कराने की स्वीकृति पहले ही मिल चुकी है।

यहां प्रधानमंत्री की ओर से भूमि पूजन के साथ भक्तों को संबोधित करने का कार्यक्रम भी तय हो रहा है। पीएम के आगमन को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
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