सूत्र बताते हैं कि सबसे पहले चबूतरे का लेबल जांचा गया, फिर स्टील का फाउंडेशन तैयार करने के लिए वेल्डिंग मशीन मंगाई गई। सूत्र बताते हैं फाइबर का बुलेट प्रूफ अस्थाई राममंदिर का पैनल, फ्रेम, शीशा आदि लेकर दिल्ली से आई टीम ने सारा सामान परिसर में स्थित मानस भवन में सीआरपीएफ की सुरक्षा घेरा में रखवाया है।
फाउंडेशन तैयार होते ही इस पर पैनल व फ्रेम कसा जाएगा, फिर फाइबर व बुलेट प्रूफ शीशे को लगाया जाएगा। पीछे फाइबर की सीट होगी, जबकि चारों तरफ से बुलेट प्रूफ शीशे के भव्य मंदिर का एक घेरा और बनेगा, जहां सिर्फ पुजारियों के परिक्रमा व पूजा लायक जगह होगी, फिर बाहरी घेरा में पीछे फाइबर की सीट होगी। जबकि, तीन तरफ बुलेट प्रूफ शीशे का दूसरा घेरा होगा।
भक्तों को तीन तरफ से करीब 20 फीट दूरी से रामलला के दर्शन हो सकते हैं। इसी मंदिर में रामलला समेत अन्य विराजमान विग्रह 24 मार्च को शिफ्ट किए जाएंगे।
श्रीरामजन्मभूमि पर मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन की तिथि व मुहूर्त नवरात्र बाद 4 अप्रैल को यहां होने वाली श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में तय होना है। भूमि पूजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कराने की स्वीकृति पहले ही मिल चुकी है।
यहां प्रधानमंत्री की ओर से भूमि पूजन के साथ भक्तों को संबोधित करने का कार्यक्रम भी तय हो रहा है। पीएम के आगमन को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं।