केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि पाश्चात्य संस्कृति में बच्चों को ढालने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। जो सुख भारतीय संस्कृति व इसके मूल्यों में है वह किसी भी दूसरी संस्कृति में नहीं है।
जब बच्चा आपके पैर छूता है तो जो सुख आपको मिलता है वह हेलो, हाय-बाय में मिल ही नहीं सकता। उन्होंने कहा कि आध्यात्म का भी जीवन में बहुत योगदान है। व्यक्ति यदि आध्यात्मिक नहीं होगा तो वह महान बन ही नहीं सकता है।
राजनाथ रविवार को गोमतीनगर जनकल्याण महासमिति के रजत जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। समिति ने राजनाथ सिंह का अभिनंदन किया।
उन्होंने कहा कि यदि व्यक्ति आध्यात्मिक नही है तो उसे भले ही तात्कालिक सफलता मिल जाए लेकिन उसकी सफलता ज्यादा दिनों तक नहीं टिकती है। कद बड़ा होने के लिए व्यक्ति का मन भी बड़ा होना चाहिए।