केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पहली सरकार है, जिसमें माफिया मुख्तार अंसारी, अतीक अहमद और आजम खां जेल में बंद हैं। उन्होंने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि जातिवाद, परिवारवाद और तुष्टीकरण के आधार पर चलने वाली सरकार यूपी का भला नहीं कर सकती है। वह शनिवार शाम राज्यसभा सांसद संजय सेठ के आवास पर आयोजित भाजपा के प्रबुद्धजन सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी की नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने यूपी को अस्थिरता के माहौल से निकालकर स्थिर, संवेदनशील और पारदर्शी सरकार देकर देश का नंबर वन राज्य बनाने का मार्ग प्रशस्त किया है। उन्होंने सौभाग्य योजना, उज्ज्वला योजना आदि के जरिए यूपी में हुए विकास और उपलब्धियां भी गिनाईं। कहा, यूपी में भाजपा की सरकार बनने पर दो साल में यूपी को देश की नंबर वन अर्थव्यवस्था वाला राज्य बनाएंगे। वर्ष 2024 तक यूपी के हर व्यक्ति के पास अपना घर होगा।
शाह ने कहा कि सपा सरकार में केवल योजनाओं का फीता काटा जाता था, काम आगे नहीं बढ़ता था। सपा सरकार में जाति धर्म देखकर आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाती थी। जबकि भाजपा सरकार ने गुनाह देकर मुकदमा दर्ज किया जाता है। उन्होंने लखनऊ के प्रबुद्ध वर्ग से कहा कि आप लोगों का दायित्व केवल वोट देने तक सीमित नहीं है। आपका दायित्व अच्छी सरकार के लिए समाज में माहौल बनाना भी है। सम्मेलन में केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर, उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा और विधि मंत्री बृजेश पाठक भी मौजूद थे।
उन्हीं अफसरों से लिया बेहतरीन परिणाम
शाह ने कहा कि मार्च 2017 के बाद यूपी में अफसर वही थे, बस मुख्यमंत्री बदला था। भाजपा सरकार ने उन्हीं अफसरों से इस तरह काम लिया कि यूपी आज इज ऑफ डूइंग में देश में दूसरे स्थान पर है। केंद्र सरकार की 56 में से 45 योजनाओं में यूपी नंबर एक पर है। प्रदेश में तीन लाख करोड़ रुपये का निवेश धरातल पर उतरा है।
सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के प्रतीकों पर नहीं बढ़ता कार्य
गृहमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार ने काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर निर्माण और विंध्यवासिनी कॉरिडोर निर्माण कार्य कराया है। अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण कार्य चल रहा है। अगर भाजपा सरकार नहीं होती तो सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के इन प्रतीकों पर काम आगे नहीं बढ़ता।
भाजपा सरकार ने इन पांच संकल्पों पर चलाई सरकार
- भाजपा ने योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री बनाया था। पांच साल में न मुख्यमंत्री बदला न ही सरकार के मंत्रिमंडल में ज्यादा फेरबदल किया।
- माफिया और अपराधियों पर सख्त कार्रवाई कर कानून का राज स्थापित किया।
- पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त शासन दिया।
- जनता को संवेदनशील सरकार दी।
- जन कल्याणकारी नीतियों व योजनाओं को लागू किया।