यूपी में सिपाही के बराबर वेतन दिए जाने के आदेश के बाद हटाए गए 16519 होमगार्डों की ड्यूटी डेढ़ महीने के लिए बहाल कर दी गई है। गृह विभाग में बचे 50 करोड़ रुपये को 31 मार्च से पहले खपाने के लिए यह निर्णय लिया गया है। इन होमगार्डों की ड्यूटी बोर्ड परीक्षा, शिवरात्रि और कांवड़ और होली के मौके पर लगाई जाएगी।
होमगार्ड विभाग के डीजी विजय कुमार ने इस बाबत आदेश जारी कर दिए हैं। इन होमगार्डों को फिरोजाबाद, बाराबंकी, बदायूं, देवरिया, अयोध्या, कन्नौज, कासगंज, उन्नाव, रामपुर, अंबेडकरनगर, फतेहगढ़, एटा, चंदौली और सहारनपुर में एक महीने से डेढ़ महीने तक की ड्यूटी दी जाएगी।
पहले भी सरकार को होमगार्डों की ड्यूटी से हटाने को लेकर लेना पड़ा था यूटर्न
इसके करीब तीन महीने पहले बजट की कमी से 25 हजार होमगार्ड स्वयं सेवकों की ड्यूटी खत्म करने के बाद उत्पन्न विवाद को विराम देते हुए शासन ने सभी जवानों की ड्यूटी लगाने के आदेश दिए गए थे। जिसका आदेश अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी ने जारी किया था।
आदेश में कहा गया था कि त्योहारों के दृष्टिगत गृह विभाग के बजट से भुगतान के आधार पर वर्तमान में चल रही व्यवस्था आवश्यकतानुसार अगले आदेश तक जारी रहेगी। अवस्थी ने निर्देश दिए थे कि होमगार्ड विभाग में उपलब्ध बजट की सीमा तक सभी जवानों की ड्यूटी लगाई जाए। अपर मुख्य सचिव ने पुलिस मुख्यालय के एडीजी व होमगार्ड्स विभाग के प्रमुख सचिव को आदेश का तत्काल पालन सुनिश्चित कराने को कहा ।
पूर्व में पुलिस विभाग से होमगार्ड जवानों के लिए बजट न मिलने से 25 हजार होमगार्ड स्वयं सेवकों की ड्यूटी समाप्त कर दी गई थी। इससे यह भ्रम उत्पन्न हो गया था कि इन स्वंय सेवकों की सेवाएं ही खत्म कर दी गई हैं। होमगार्ड्स विभाग के मंत्री चेतन चौहान व शासन के उच्च अधिकारियों ने इस बाबत स्थिति स्पष्ट की थी। पता चला था कि बजट के लिए पुलिस विभाग ने वित्त विभाग से आग्रह किया था पर यह उपलब्ध नहीं कराया जा सका था। इससे पुलिस विभाग के साथ लगने वाले 25 हजार होमगार्ड्स स्वयं सेवकों की ड्यूटी नहीं लगाई जा सकी थी।