बैंकों से दिए जाने वाले 30 लाख रुपये का लाभ अब तक आठ होमगार्ड स्वयंसेवकों के परिवारों को मिल चुका है। इनमें से तीन परिवारों को मुख्यमंत्री व होमगार्ड मंत्री अपने हाथों से चेक दे चुके हैं। हालांकि कुछ मामले ऐसे भी सामने आए हैं जिसमें वाहन चलाते वक्त हुई दुर्घटना के बाद होमगार्ड के पास ड्राइविंग लाइसेंस न होने की बात सामने आई।
इस वजह से उसके आश्रितों को इस बीमा का लाभ नहीं मिल सका। होमगार्ड मंत्री धर्मवीर प्रजापति का कहना है कि होमगार्ड स्वयंसेवक की मृत्यु पर उसके परिजनों को अब 35 लाख रुपये दिलवाने की व्यवस्था की गई है। एटीएम का भी इस्तेमाल करने पर बैंक की तरफ से 10 लाख रुपये अतिरिक्त दिए जाते हैं।