परिवहन निगम ने पांच फरवरी की आधी रात से कर्मचारियों की सांकेतिक हड़ताल से निपटने के लिए कमर कस ली है।
कर्मियों के अवकाश निरस्त कर दिए गए हैं। अधिकारियों एवं कर्मचारियों को हड़ताल के दौरान शत प्रतिशत बस संचालन कराने का निर्देश दिया गया है।
वहीं निगम की तरफ से बस अड्डे की सुरक्षा व्यवस्था के लिए डीएम-एसपी को पत्र भेजा गया है।
निगम के प्रबंध निदेशक मुकेश कुमार मेश्राम की तरफ से जारी सर्कुलर में कहा गया है कि शासन ने हड़ताल पर छह माह के लिए प्रतिबंध लगा रखा है।
इसके बावजूद यूपी रोडवेज एम्प्लॉइज यूनियन द्वारा 5 फरवरी की आधी रात से 24 घंटे के सांकेतिक हड़ताल का ऐलान करना अवैध है।
सर्कुलर में कहा गया है कि प्रदेश के सभी क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय में चार फरवरी तक कंट्रोल रूम खोलकर उसमें अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी जाए।
हड़ताल के दौरान यात्रियों की शिकायतों को दर्ज करके मुख्यालय रिपोर्ट करने के भी निर्देश दिए गए हैं। वहीं हड़ताल अवधि के दौरान जो अधिकारी एवं कर्मचारी अवकाश पर हैं या जाने वालों की छुट्टी को निरस्त कर ड्यूटी पर बुलाया जाए।