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Hmpv virus : वायरस के नाम पर लखनऊ की निजी लैब्स में मची लूट, सरकार ने अभी तक तय नहीं किए रेट

Sun, 12 Jan 2025 08:22 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला, सिटी रिपोर्टर, लखनऊ

सार

Hmpv virus in lucknow: लखनऊ में नए वायरस एचएमपीवी की जांच को लेकर निजी लैब ने लूट मचाना शुरू कर दिया है। जांच के लिए मोटी रकम वसूली जा रही है।
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एचएमपीवी - फोटो : Freepik.com
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विस्तार
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नए वायरस एचएमपीवी की जांच को लेकर निजी लैब ने लूट मचाना शुरू कर दिया है। जांच के लिए मोटी रकम वसूली जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक निजी लैब के लिए जांच शुल्क तय नहीं करा सका है। स्वास्थ्य विभाग को जांच की दर तय करके डीएम को भेजना है। डीएम जरिए जांच शुल्क की दर तय की जाएगी। अहम बात यह है कि कोविड आरटीपीसीआर जांच से चार गुना महंगी दर पर निजी लैब जांच कर रही है। निजी अस्पतालों में सर्दी-जुखाम व बुखार से पीड़ित होने वाले मरीजों की जांच निजी लैब से कराना शुरू किया है।

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राजधानी में एचएमपीवी वॉयरस का पहला केस मिलने बाद स्वास्थ्य विभाग में खलबली मची है। केजीएमयू-पीजीआई में मुफ्त जांच की सुविधा है। वहीं निजी लैब ने जांच के नाम पर लूट मचाना शुरू कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग जरिए जांच का शुल्क तय न किए जाने का फायदा निजी लैब ने उठाना शुरू किया है। निजी लैब जांच के लिए तीन हजार रुपए तक वसूलना शुरू किया है। स्वास्थ्य विभाग के अफसर हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। विभागीय अफसरों ने जांच की दर अभी तक तय करने के लिए डीएम को फाइल नहीं भेजी है। ऐसे में निजी लैब मनमार्फिक शुल्क जांच कराने आने वाले लोगों से वसूल रहे हैं। सीएमओ डॉ. एनबी सिंह के मुताबिक, जांच की दर तय कराई जाएगी।

कोविड से महंगी कर रहे जांच

निजी लैब कोविड आरटीपीसीआर की जांच कोरोना काल में पहले पांच हजार रुपए तक कर रहे थे। प्रशासन की सख्ती बाद दरों को घटाया गया। निजी लैब किट व रीजेंट महंगा होने का हवाला देकर पहले कोविड आरटीपीसीआर की महंगी जांच कर रहे थे। काफी दबाव आने बाद निजी लैब अब 700 रुपए में कोविड आरटीपीसीआर जांच कर रहे हैं।

सरकारी लैब में करीब पांच सौ रुपए का खर्च

केजीएमयू-पीजीआई संस्थानों में नए वॉयरस के जांच की सुविधा है। वहां पर एक जांच करने में करीब पांच से छह सौ रुपए खर्च आ रहा है। इसमें रीजेंंट व किट अलग कोविड से अलग लग रही है। संस्थान अफसरों का कहना है अभी इक्का दुक्का नमूने जांच के लिए भेजे गए थे। बताया बड़ी तादाद में एक संग नमूने लगने पर यह लागत और भी कम हो जाएगी।

निजी अस्पतालों में सर्दी-जुखाम व बुखार से पीड़ित होने वाले मरीजों की जांच निजी लैब से कराना शुरू किया है। वहीं सरकारी अस्पतालों में जांच के लिए अभी तक काउंटर तक नहीं बनाए गए हैं। ऐसे में मरीज जांच के लिए भटक रहे हैं। सरकारी में क्या व्यवस्था है, निजी के रेट तय करने की कोई तैयारी है इसे लेकर पूरी खबर रहेगी।

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