प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश कैबिनेट ने बड़ा फैसला लिया है। इसके तहत अब ऐतिहासिक इमारतों में होटलों में बदला जाएगा।
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ऐतिहासिक (विरासत) महत्व की हवेलियों, महलों, किलों और कोठियों को पर्यटन के लिहाज से विकसित करने के लिए तैयार हैरिटेज पर्यटन नीति को मंत्रिपरिषद ने मंजूरी दे दी।
इसके तहत 1950 से पहले निर्मित निजी भवनों को हैरिटेज होटल में बदलने के लिए सरकार से अनुदान मिलेगा, बशर्ते उनके बाहरी स्वरूप में कोई बदलाव न किया गया हो।
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नीति के तहत भवन की वास्तुविदीय विशेषताओं में भी किसी तरह के परिवर्तन की अनुमति नहीं होगी। इसके लिए पूंजी निवेश की कोई अधिकतम सीमा तय नहीं है, लेकिन अनुदान राष्ट्रीयकृत बैंक से ऋण लेने पर ही मिलेगा। ऋण राशि की 120 प्रतिशत परियोजना लागत मानी जाएगी।
इसी महीने जारी होगी अधिसूचना
आवेदन पत्रों पर प्रभावी कार्रवाई के लिए पर्यटन निदेशालय में हेरिटेज सेल के निर्माण का फैसला भी लिया गया है। नीति लागू करने के लिए पर्यटन विभाग इसी महीने अधिसूचना जारी करेगा, जो अगले पांच वर्षों तक मान्य होगी।
दो उच्चस्तरीय कमेटियों का होगा गठन परियोजना प्रस्ताव के परीक्षण और पूंजीगत अनुदान की स्वीकृति के लिए दो अलग-अलग कमेटियों का गठन किया जाएगा। परियोजना प्रस्ताव के परीक्षण के लिए गठित कमेटी के अध्यक्ष महानिदेशक पर्यटन और सदस्य सचिव उप निदेशक पर्यटन (ट्रेवल ट्रेड) होंगे।
संबंधित जिलाधिकारी, वित्त नियंत्रक पर्यटन निदेशालय, यूपीएसटीडीसी के कंपनी सचिव, एक कंसल्टेंट और संबंधित क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी इसके सदस्य होंगे।
पूंजीगत अनुदान की स्वीकृति के लिए गठित कमेटी के अध्यक्ष औद्योगिक एवं अवस्थापना विकास आयुक्त और सदस्य सचिव महानिदेशक पर्यटन होंगे। प्रमुख सचिव (वित्त), प्रमुख सचिव (संस्कृति), प्रमुख सचिव (पर्यटन) और संबंधित मंडलायुक्त सदस्य होंगे।
तीन श्रेणियों के होंगे हैरिटेज होटल
हैरिटेज होटल--1950 से पहले निर्मित हों, जिनमें कम से कम पांच कमरें हों हैरिटेज क्लासिक--1935 के पहले निर्मित हों, जिनमें कम से कम 15 कमरें हों हैरिटेज ग्रांड--1920 के पहले निर्मित हों, जिनमें कम से कम 25 कमरें हों
हैरिटेज होटल के लिए सुविधाओं का पैकेज -एक करोड़ से अधिक निवेश वाली इकाइयों को अगले दस बरसों तक और एक करोड़ से कम निवेश वाली इकाइयों के लिए अगले पांच बरसों तक सुख-साधन कर से 100 प्रतिशत छूट।
-ग्रामीण क्षेत्रों में अगले दस बरसों तक और शहरी क्षेत्रों में पांच बरसों तक मनोरंजन कर में शत-प्रतिशत छूट। -हैरिटेज होटल के निर्माण के लिए प्रोजेक्ट लागत का 25 प्रतिशत (अधिकतम 1.5 करोड़ रुपये) अनुदान।
ब्याज अनुदान पांच करोड़ से अधिक नहीं
-ऋण लेने पर हैरिटेज होटल स्वामी के पक्ष में 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान दिया जाएगा। अधिकतम पांच वर्ष की अवधि तक ही यह सुविधा मिलेगी। ब्याज अनुदान 5 करोड़ रुपये से अधिक नहीं होगा।
-33 केवी पॉवर सब स्टेशन से हैरिटेज होटल तक बिजली लाइन लाइन लाने पर होने वाले खर्च का 25 फीसदी राज्य सरकार देगी। अधिकतम 15 किलोमीटर लाइन पर ही यह अनुदान दिया जाएगा।
-हैरिटेज होटल की स्थापना के लिए भवन और उससे लगी हुई जमीन खरीदने पर स्टांप शुल्क की प्रतिपूर्ति अनुदान के रूप में पर्यटन विभाग करेगा।
-भू उपयोग परिवर्तन शुल्क में शत-प्रतिशत की छूट दी जाएगी। - ग्रामीण क्षेत्र में हैरिटेज होटल परिसर में चलने वाले बार लाइसेंस शुल्क में पांच बरस तक शत-प्रतिशत छूट।
पांच साल तक मिलेगी छूट
-पांच बरस तक तीन वाहनों पर परिवहन कर में शत-प्रतिशत छूट। बशर्ते यह वाहन पर्यटकों को स्टेशन या एयरपोर्ट से होटल तक लाने या स्थानीय भ्रमण के लिए इस्तेमाल किए जा रहे हों।
-हैरिटेज होटलों तक बेहतर सड़कों का निर्माण कराया जाएगा। -हैरिटेज होटल और अन्य पर्यटक संबंधी परियोजनाओं के लिए सिंगल विंडो सिस्टम व्यवस्था की जाएगी।
-इन सारी सुविधाओं को लेते हुए भी होटल स्वामियों को अन्य स्रोतों से अनुदान आदि पाने पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा।
-आवेदन पत्र प्राप्त होने के चार महीने के भीतर पूरी प्रक्रिया, मसलन-परीक्षण, अनुमोदन और स्वीकृति का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। -आवेदन पत्र की स्थिति जानने के लिए ऑनलाइन ट्रैकिंग की व्यवस्था।
-पूंजीगत अनुदान बैंक से ऋण लेने पर ही मिलेगा। -हैरिटेज होटल का संचालन पांच वर्षो तक करने की बाध्यता होगी। -शर्तों का पालन न करने पर अनुदान की राशि 15 प्रतिशत ब्याज के साथ लौटानी होगी।
-अनुदान की धनराशि का भुगतान हैरिटेज संपत्ति के निर्माण का काम पूरा होने, एक वर्ष तक सफलतापूर्वक व्यावसायिक संचालन करने और होटल एंड रेस्टोरेंट एप्रूवल एंड क्लासिफकेशन कमेटी से हैरिटेज होटल स्तर का वर्गीकरण पा लेने पर ही होगा।
-भारत सरकार के पर्यटन विभाग द्वारा निर्धारित मानदंडों के अनुरूप ही भवनों का हैरिटेज होटल में परिवर्तन मान्य होगा। -विरासत महत्व के भवन के आसपास का परिवेश और पहुंच मार्ग हैरिटेज होटल की वास्तुविदीय विशेषताओं के अनुरूप होगा।
-भवन का अग्रभाग, स्थापत्य शैली और सामान्य निर्माण कार्य स्थान विशेष की सांस्कृतिक विशेषताओं और परंपराओं की परिचायक होगी। -खानपान शैली भी स्थानीय विशेषताएं लिए होंगी।