लखनऊ। राजधानी में रविवार को हिंदू समाज को संगठित, जागरूक और एकजुट करने के उद्देश्य से गोमती नगर, राजाजीपुरम, ठाकुरगंज, खाटू श्याम मंदिर सहित कई इलाकों में भव्य हिंदू सम्मेलनों का आयोजन किया गया। सामाजिक संगठनों की पहल पर हुए इन आयोजनों में बड़ी संख्या में लोगों ने सहभागिता की। सम्मेलनों के साथ समरसता भोज और तहरी भोज का भी आयोजन हुआ, जिसमें हजारों लोगों ने एक साथ भोजन कर सामाजिक एकता का संदेश दिया।
गोमती नगर फेस–2 की विकल्प बस्ती में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन की अध्यक्षता डी.के. अग्रवाल ने की। मुख्य वक्ता अशोक सिन्हा ने राष्ट्र की एकता, अखंडता और संगठित समाज को सशक्त भारत की आधारशिला बताया। विशिष्ट अतिथि यशोदरा बहन और संपूर्णानंद महाराज रहे।
गोमतीनगर खंड–3 में आरएसएस के शताब्दी वर्ष के तहत हुए सम्मेलन में स्वामी सुबोधानंद महाराज ने हिंदू एकता और सामाजिक समरसता पर विचार रखे। राजाजीपुरम की सरस्वती बस्ती में आयोजित सम्मेलन व समरसता भोज में करीब 600 लोगों ने सहभागिता की। वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि संगठित समाज ही राष्ट्र को मजबूत बना सकता है।
ठाकुरगंज में आयोजित सम्मेलन में मुख्य वक्ता आरएसएस के अखिल भारतीय सह गौ सेवा प्रमुख नवल किशोर ने सामाजिक समरसता, भेदभाव रहित समाज और पंच परिवर्तन की आवश्यकता पर जोर दिया। स्वामी विवेकानंद गिरी ने हिंदू समाज के संगठन का आह्वान किया। कार्यक्रम का संयोजन एडवोकेट अनुराग पांडेय ने किया।
गोमती तट स्थित खाटू श्याम मंदिर परिसर में राष्ट्रीय हिंदू रक्षा परिषद की ओर से सामाजिक समरसता गोष्ठी व समरसता सहभोज आयोजित हुआ। मुख्य वक्ता राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार सनातनी ने जातीय भेदभाव समाप्त कर ‘सनातनी’ पहचान अपनाने का आह्वान किया। राष्ट्रीय महासचिव मुकेश सनातनी ने अभियान को घर-घर तक ले जाने की बात कही। अंतरराष्ट्रीय महामंडलेश्वर बाबा महादेव सहित अनेक संत उपस्थित रहे।
विभिन्न इलाकों में सम्मेलनों में हिंदू एकता और समरसता पर हुआ मंथन
विभिन्न इलाकों में सम्मेलनों में हिंदू एकता और समरसता पर हुआ मंथन
विभिन्न इलाकों में सम्मेलनों में हिंदू एकता और समरसता पर हुआ मंथन
विभिन्न इलाकों में सम्मेलनों में हिंदू एकता और समरसता पर हुआ मंथन
विभिन्न इलाकों में सम्मेलनों में हिंदू एकता और समरसता पर हुआ मंथन
विभिन्न इलाकों में सम्मेलनों में हिंदू एकता और समरसता पर हुआ मंथन