हिंदू महासभा के कार्यकारी अध्यक्ष रहने के दौरान कमलेश पर पैगंबर मोहम्मद साहब पर अमर्यादित टिप्पणी से धार्मिक भावना भड़काने व पोस्टर चस्पा करने का आरोप लगा था। उनके खिलाफ 4 दिसंबर 2015 को रासुका लगाकर गिरफ्तार किया गया था। बाद में उनकी पत्नी किरन ने हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ की शरण ली। सितंबर 2016 में हाईकोर्ट ने कमलेश की कस्टडी को गैरकानूनी करार देते हुए रासुका हटा दिया था। इस दौरान कमलेश करीब 11 महीने जेल में रहे थे।
तीन सदस्यीय एसआईटी गठित, जांच शुरू
सीएम द्वारा कमलेश हत्याकांड की रिपोर्ट तलब करने के बाद शासन ने आईजी एसके भगत के नेतृत्व में तीन सदस्यीय एसआईटी बनाई है। इसमें लखनऊ के एसपी क्राइम दिनेश पुरी और एसटीएफ के डिप्टी एसपी पीके मिश्र भी हैं। एसआईटी ने पड़ताल शुरू कर दी है। हत्यारों की तलाश के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं। डीजीपी ओपी सिंह ने बताया कि कमलेश को कई माह से सुरक्षा उपलब्ध कराई गई थी। गनर के अतिरिक्त स्थानीय थाने से भी सुरक्षाकर्मी दिया गया था। घटना के समय एक सुरक्षाकर्मी तिवारी के आवास के नीचे तैनात था। उसने हत्यारों को रोका तथा तिवारी से पूछकर ही उन्हें अंदर जाने दिया। संभवत: हत्यारों ने छद्म नामों का इस्तेमाल किया।
आतंकियों ने मारने की दी थी धमकी
आईएसआईएस के दो आतंकियों उबैद मिर्जा व कासिम सिंबरवाला ने पैगंबर साहब पर अमर्यादित टिप्पणी को लेकर कमलेश को मार डालने की बात कही थी। दोनों को गुजरात एटीएस ने गुजरात से 24 अक्तूबर 2017 को गिरफ्तार किया था। एटीएस की चार्जशीट में भी इसका जिक्र है। इसके मुताबिक आतंकियों ने कमलेश का एक वीडियो दिखाते हुए कहा था कि उसको मार डालना है। हिंदू महासभा के पदाधिकारियों का भी कहना है कि उसे जान से मारने की धमकी मिली थी।
बदमाश जिस मिठाई के डिब्बे में असलहा छिपाकर लाए थे, वह गुजरात के सूरत के उद्योग नगर उधना स्थित धरती फूड्स प्राइवेट लिमिटेड का था। पुलिस सूत्रों ने बताया कि मौके से एक रसीद मिली है जो बुधवार रात पिस्ता घड़ी मिठाई खरीदने की है। सूरत से दो दिन पहले खरीदी गई मिठाई के डिब्बे में असलहा छिपाकर लाने से हत्या का कनेक्शन आईएसआईएस से जोड़ा जा रहा है।
वहीं, देर रात उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे लेकिन यूपी सरकार के खिलाफ नारेबाजी व लोगों के आक्रोश के कारण वह परिवार से नहीं मिल सके। जिस पर उन्होंने कहा कि दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाएगा और परिवार की समुचित सुरक्षा का प्रबंध किया जाएगा।