जेईई मेन परीक्षा में शनिवार को कानपुर के केडीएमए स्कूल बर्रा 8 में एक हाइटेक मुन्ना भाई पकड़ा गया। वह डिवाइस, माइक्रोफोन और सिम के माध्यम से सवालों के उत्तर लिख रहा था।
आईआईटी, एनआईटी और एआईईईई में प्रवेश के लिए शनिवार को आयोजित परीक्षा में केडीएमए स्कूल में बीना निवासी विकास गुप्ता भी परीक्षा दे रहा था।
कक्ष निरीक्षक ने विकास गुप्ता को ई डिवाइस और माइक्रोफोन के माध्यम से सवालों को हल करते देखा। उसे पकड़ लिया गया।
बताया गया कि विकास पहली पाली में आयोजित बीटेक और बीई की प्रवेश परीक्षा दे रहा था। विकास ने अपनी कमर पर डिवाइस फिट कर रखी थी।
इसमें लगा तार उसके कपड़ों के भीतर से होता हुआ उसकी गर्दन तक पहुंचाया गया था।
ऐसे सॉल्व हो रहा था पेपर
इस डिवाइस से एक सिम कार्ड और माइक्रोफोन के जरिए कोई बाहर से उसे सवालों के जवाब दे रहा था। डिवाइस के जरिए विकास सॉल्वर तक सवाल पहुंचा रहा था।
सॉल्वर माइक्रोफोन के जरिए सवालों के जवाब उस तक पहुंचा रहा था। यह डिवाइस आटो कॉल रिसीवर टेक्नोलॉजी से फिट की गई थी।
सवालों का उत्तर माइक्रोफोन के जरिए एक सॉल्वर बता रहा था। स्कूल की प्रधानाचार्य नीरू टंडन ने नकलची छात्र को पकड़ कर बर्रा थाना पुलिस को सौंप दिया।
इस मामले में गिरफ्तार परीक्षार्थी विकास गुप्ता से पूछताछ के बाद रविवार को पुलिस ने काकादेव कोचिंग मंडी से साल्वर गैंग के दो सदस्यों को दबोचा है।
तीन लाख रुपये में हुआ था सौदा
सूत्रों की मानें तो इन्हीं सदस्यों ने विकास की मुलाकात गैंग के मास्टर माइंड मोनू से कराई थी। पुलिस ने विकास को जेल भेज दिया है।
वहीं मोनू की तलाश में इलाहाबाद पहुंची टीम को दबिश के बावजूद सफलता नहीं मिली है। सीओ गोविंद नगर ओपी सिंह ने बताया केडीएमए स्कूल की प्रिंसिपल नीरू टंडन की तहरीर पर विकास के खिलाफ नकल अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है।
इस गैंग से जुड़े कुछ अन्य लोगों के नाम सामने आये हैं। टीम बनाकर उनकी गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है।
विकास ने पुलिस को बताया कि मोनू से जेईई मेन परीक्षा पास कराने का सौदा तीन लाख में तय हुआ था। पूरी रकम नहीं दे पाने की वजह से मोनू ने उसकी 12वीं की मार्कशीट अपने पास रख ली थी।