हाईकोर्ट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वाराणसी से निर्वाचन को चुनौती देने वाली चुनाव याचिका पर उनको नोटिस जारी किया है।
याचिका वाराणसी से कांग्रेस के प्रत्याशी रहे अजय राय और माधव प्रसाद उपाध्याय ने दाखिल की है। याचिका शुक्रवार को न्यायमूर्ति वीके शुक्ल के समक्ष प्रस्तुत हुई जिस पर उन्होंने नरेंद्र मोदी को नोटिस जारी करते हुए छह सप्ताह में अपना पक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। याचिका पर अगली सुनवाई पांच सितंबर को होगी।
नरेंद्र मोदी को कोर्ट का नोटिस साधारण डाक और रजिस्टर्ड डाक के अलावा समाचार पत्रों में प्रकाशन के माध्यम से तामील कराने का कोर्ट ने निर्देश दिया है।
मोदी ने काशी में की थी चूक?
याचिका में कहा गया है कि नरेंद्र मोदी ने अपने नामांकन पत्र में पत्नी जसोदाबेन से संबंधित पूरी जानकारियां नहीं दी हैं।
उनकी आय से संबंधित कॉलम में पूरी जानकारी नहीं दी गई है। जबकि चुनाव आयोग की गाइड लाइन है कि नामांकन पत्र का कोई भी कॉलम अधूरा या खाली नहीं छोड़ा जा सकता है।
मोदी का निर्वाचन रद करने की मांग
इसी प्रकार से वाराणसी में आयोजित भाजपा की रैली में करोड़ों रुपये खर्च किए गए जो चुनाव के लिए निर्धारित खर्च की सीमा से बहुत अधिक है।
रैली में लाखों लोग बाहर के जिलों और प्रदेशों से आए जिनको टोपियां, साड़ियां और दूसरी चीजें बांटी गई। हजारों वाहनों का उपयोग हुआ और बड़े नेताओं के आने जाने में भी काफी रकम खर्च हुई।
याचिका में मोदी का निर्वाचन रद करने की मांग की गई है। अजय राय की ओर से हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता उमेश नारायण शर्मा उपस्थित हुए।