आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर के खिलाफ चल रही विभागीय जांच के मामले में राज्य सरकार मंगलवार को हाईकोर्ट पहुंच गई।
जांच अधिकारी समेत सरकारी वकील की तैनाती के आदेश को रद्द करने के केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) के निर्णय को राज्य सरकार ने हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में चुनौती दी है।
कोर्ट ने आदेश दिया कि अगले आदेशों तक जांच अधिकारी द्वारा जांच जारी रहेगी लेकिन अनुशासनात्मक प्राधिकारी कोई अंतिम आदेश पारित नहीं करेगा।
अदालत ने मामले में पक्षकार अमिताभ ठाकुर और केंद्र सरकार के अधिवक्ता को अपना रुख स्पष्ट करते हुए जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए दो हफ्ते का समय दिया।